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कमेटी की संस्तुति के बिना ही चहेते फर्मों को किया गया भुगतान
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बलिया। शहर के कदम चौराहा निवासी समाजसेवी हरेंद्रनाथ तिवारी ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर सीएमओ कार्यालय से बिना संस्तुति के कई फर्मों को भुगतान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मार्च 2019 में तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश को दर किनार कर बिना कमेटी के संस्तुति के ही सीएमओ ने करोड़ों रुपये चहेते फर्मो के खातों में भुगतान किया गया है। जबकि सीएमओ डॉ. पीके मिश्रा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
पत्रक में उल्लेख किया गया है कि अगस्त से अक्टूबर 2019 तक सीएमओ की ओर से बिना टेंडर के मेसर्स भारतेेंदु को 15 लाख, अंश इंटर प्राइजेज को 7.50 लाख, मेसर्स अनमोल ट्रेडिंग को 21 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति सीएमओ एवं अवनी परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्रा. लिमिटेड लखनऊ से मिलकर अवैध रूप से किया गया। जबकि आउट सोर्सिंग नियमावली अंतर्गत सेवा प्रदाता फर्म ही अपने कर्मचारियों को नियुक्ति कर सकता है। लेकिन यह नियुक्ति सीएमओ द्वारा की गई। जिसमें व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई है। यही नहीं सेवा प्रदाता फर्म का कार्य करने का आदेश मार्च 2018 में समाप्त हो गया था। बावजूद फर्म से फर्जी तरीके से अनुबंध किया गया है। जबकि सेवा प्रदाता फर्म किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ और यूपी स्माल इ.का.लिमिटेड कानपुर द्वारा ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। इसी प्रकार अन्य में भी घोटाला किया गया है।इस बाबत सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने बताया कि इस प्रकार का आरोप बेबुनियाद है। अगर शिकायती पत्र आता है तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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पत्रक में उल्लेख किया गया है कि अगस्त से अक्टूबर 2019 तक सीएमओ की ओर से बिना टेंडर के मेसर्स भारतेेंदु को 15 लाख, अंश इंटर प्राइजेज को 7.50 लाख, मेसर्स अनमोल ट्रेडिंग को 21 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति सीएमओ एवं अवनी परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्रा. लिमिटेड लखनऊ से मिलकर अवैध रूप से किया गया। जबकि आउट सोर्सिंग नियमावली अंतर्गत सेवा प्रदाता फर्म ही अपने कर्मचारियों को नियुक्ति कर सकता है। लेकिन यह नियुक्ति सीएमओ द्वारा की गई। जिसमें व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई है। यही नहीं सेवा प्रदाता फर्म का कार्य करने का आदेश मार्च 2018 में समाप्त हो गया था। बावजूद फर्म से फर्जी तरीके से अनुबंध किया गया है। जबकि सेवा प्रदाता फर्म किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ और यूपी स्माल इ.का.लिमिटेड कानपुर द्वारा ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। इसी प्रकार अन्य में भी घोटाला किया गया है।इस बाबत सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने बताया कि इस प्रकार का आरोप बेबुनियाद है। अगर शिकायती पत्र आता है तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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