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Ballia News: आठ साल बाद इमरजेंसी के 14 बेड तक पहुंचेगी ऑक्सीजन
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में ऑक्सीजन का बिछाया जा रहा पाइप लाइन।संवाद
बलिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में करीब आठ साल बाद 14 बेड पर सीधे पाइपलाइन से ऑक्सीजन देने की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसके लिए बेड हेड पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पाइपलाइन और ऑक्सीजन वाल्व यूनिट लगाने का काम किया जा रहा था। वहीं, ट्रॉमा सेंटर के चार बेड तक पैनल लगाए जा चुके हैं। व्यवस्था शुरू होने पर गंभीर मरीजों को बेड पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी।
जिला अस्पताल में कुल 236 बेड संचालित होता हैं, लेकिन अब तक केवल 71 बेड तक ही पाइपलाइन से ऑक्सीजन पहुंच रही थी। इमरजेंसी के 10 और ट्रॉमा सेंटर के चार बेड पर सीधे ऑक्सीजन देने की सुविधा नहीं थी। ऐसे में सांस लेने में परेशानी, हृदय संबंधी समस्या और सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन देने के लिए कंसंट्रेटर मशीनों पर निर्भर रहना पड़ता था। मरीज बढ़ने पर कंसंट्रेटर मशीन लगाने में भी समय लगता था। इसको लेकर अक्सर तीमारदार शिकायत व हंगामा करते थे।
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सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल की इमरजेंसी के 10 और ट्रॉमा सेंटर के चार बेड पर ऑक्सीजन पैनल लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे आपात स्थिति में मरीजों को शुरुआती उपचार के दौरान ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। आने वाले दिनों में और सुविधा बढ़ाया जाएगा।
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रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पाइपलाइन और ऑक्सीजन वाल्व यूनिट लगाने का काम किया जा रहा था। वहीं, ट्रॉमा सेंटर के चार बेड तक पैनल लगाए जा चुके हैं। व्यवस्था शुरू होने पर गंभीर मरीजों को बेड पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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जिला अस्पताल में कुल 236 बेड संचालित होता हैं, लेकिन अब तक केवल 71 बेड तक ही पाइपलाइन से ऑक्सीजन पहुंच रही थी। इमरजेंसी के 10 और ट्रॉमा सेंटर के चार बेड पर सीधे ऑक्सीजन देने की सुविधा नहीं थी। ऐसे में सांस लेने में परेशानी, हृदय संबंधी समस्या और सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन देने के लिए कंसंट्रेटर मशीनों पर निर्भर रहना पड़ता था। मरीज बढ़ने पर कंसंट्रेटर मशीन लगाने में भी समय लगता था। इसको लेकर अक्सर तीमारदार शिकायत व हंगामा करते थे।
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सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल की इमरजेंसी के 10 और ट्रॉमा सेंटर के चार बेड पर ऑक्सीजन पैनल लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे आपात स्थिति में मरीजों को शुरुआती उपचार के दौरान ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। आने वाले दिनों में और सुविधा बढ़ाया जाएगा।