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Ballia News: जिला योजना की बैठक में 5.1382 अरब का परिव्यय अनुमोदित
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बलिया। जिला योजना समिति की बैठक शनिवार को प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में कुल 5.1382 अरब के परिव्यय का अनुमोदन सभी सदस्यों की सहमति के बाद हुआ। समिति के सदस्यों ने जनपद के विकास के लिए बहुमूल्य सुझाव भी दिए।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में बेहतर विकास के लिए सकारात्मक सहयोग के लिए सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधि व योजना समिति के सदस्यों की बात को गंभीरता से सुना जाए। अगर कोई व्यवस्था में कमियां बताता है तो उसको स्वीकार करते हुए सुधार लाएं। कहा कि समाज के लिए बेहतर काम करना चाहते हैं तो अधिकारी कभी सामान्य व्यक्ति की तरह फील्ड में जाएं और सामान्य व्यक्ति के दर्द को समझें। चेतावनी देते हुए कहा कि बैठक में मिले निर्देशों को गंभीरता से लें। अगली बैठक में अनुपालन की भी समीक्षा होगी।
वेंडिंग जोन व साफ-सफाई पर दिया जोर
प्रभारी मंत्री ने कहा कि बेतरतीब तरीके से सड़क किनारे गाड़ी खड़ी होना और दुकान लगा देना जैसे हालात ठीक नहीं हैं। इसके लिए वेंडिंग जोन शहर में बनाया जाए। साफ सफाई के लिए स्वच्छता अभियान चलाया जाए। पहले सरकारी कार्यालयों को और उसके बाद मोहल्ला और गली की सफाई अभियान चलाकर कराएं। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार जगह पर प्रोजेक्ट स्वीकृत करने की मांग की। इस पर प्रभारी मंत्री ने एक्सईएन बाढ़ विभाग को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधि से संपर्क स्थापित कर संवेदनशील जगहों का भ्रमण कर लें। जो कार्य चल रहे हैं, अधिकतम मई तक जरूर पूरे हो जाएं।
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हर अस्पताल पर हों चिकित्सक
फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव ने ग्रामीण क्षेत्र में अस्पतालों में डॉक्टर व स्टॉफ की उपस्थिति नहीं होने की समस्या से अवगत कराया। इस पर प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को निर्देश दिया कि इस समस्या को प्राथमिकता पर लें। कम से कम हर अस्पताल पर एक डॉक्टर जरूर रहें। अगर कोई ऐसा अस्पताल मिला, जहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अस्पतालों में मरम्मत आदि करा कर व्यवस्था दुरुस्त करा दें।
जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करें अधिकारी: एमएलसी
एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने कहा कि गांव को जोड़ने वाली सभी सड़क को दुरुस्त किया जाए। बेहद कमजोर लोगों के लिए संचालित शादी अनुदान और पेंशन योजना में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करें तो और बेहतर काम होगा। उन्होंने नगरीय पेयजल योजना से संबंधित पूछताछ करते हुए कहा कि जल निगम के द्वारा सीवर चालू होने के नाम पर धनराशि के भुगतान में अनियमितता कि शिकायत सही है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सड़क व पुल पर दिया गया जोर
वर्ष 202-22 के सापेक्ष वर्ष 2022-23 की जिला योजना में कई योजनाओं में धनराशि घटाई गई है। हालांकि सड़क पुल पर काफी जोर है। समाज कल्याण में पहले जहां 3883.30 लाख अनुमोदन के सापेक्ष 3893.80 लाख खर्च किया गया था इस वर्ष 4235.11 लाख के अनुमोदन सापेक्ष 1656.45 खर्च किया गया है। ग्रामीण आवास में पूर्व में 14400 लाख के सापेक्ष 9452.40 लाख खर्च किया गया इस वर्ष 6218.64 लाख के सापेक्ष 3731.18 लाख खर्च किया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में भी पिछली जिला योजना में 550 लाख का अनुमोदन था इस बार 100 लाख का अनुमोदन है। ग्रामीण स्वच्छता में पिछले जिला योजना में 2014.98 लाख के सापेक्ष 9.46 लाख खर्च हुआ तो इस बार 9.46 लाख के सापेक्ष 5.68 लाख खर्च हुआ। सिंचाई एवं जल संसाधन में पिछली जिला योजना में भी कोई अनुमोदन नहीं था इस बार भी कोई अनुमोदन नहीं है। सड़क एवं पुल में पिछली जिला योजना में 2138.20 लाख का अनुमोदन था इस बार 6086.11 लाख का अनुमोदन किया गया।
विभाग अनुमोदित धनराशि (लाख में)
वन विभाग 1228.60
रोजगार कार्यक्रम ग्राम्य विकास 14126.74
सड़क एवं पुल 6086.11
पंचायती राज 1038.30
प्राथमिक शिक्षा 2185.90
ग्रामीण आवास 6218.64
शिल्पकार प्रशिक्षण 172.96
समाज कल्याण 4235.11
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प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में बेहतर विकास के लिए सकारात्मक सहयोग के लिए सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधि व योजना समिति के सदस्यों की बात को गंभीरता से सुना जाए। अगर कोई व्यवस्था में कमियां बताता है तो उसको स्वीकार करते हुए सुधार लाएं। कहा कि समाज के लिए बेहतर काम करना चाहते हैं तो अधिकारी कभी सामान्य व्यक्ति की तरह फील्ड में जाएं और सामान्य व्यक्ति के दर्द को समझें। चेतावनी देते हुए कहा कि बैठक में मिले निर्देशों को गंभीरता से लें। अगली बैठक में अनुपालन की भी समीक्षा होगी।
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वेंडिंग जोन व साफ-सफाई पर दिया जोर
प्रभारी मंत्री ने कहा कि बेतरतीब तरीके से सड़क किनारे गाड़ी खड़ी होना और दुकान लगा देना जैसे हालात ठीक नहीं हैं। इसके लिए वेंडिंग जोन शहर में बनाया जाए। साफ सफाई के लिए स्वच्छता अभियान चलाया जाए। पहले सरकारी कार्यालयों को और उसके बाद मोहल्ला और गली की सफाई अभियान चलाकर कराएं। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार जगह पर प्रोजेक्ट स्वीकृत करने की मांग की। इस पर प्रभारी मंत्री ने एक्सईएन बाढ़ विभाग को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधि से संपर्क स्थापित कर संवेदनशील जगहों का भ्रमण कर लें। जो कार्य चल रहे हैं, अधिकतम मई तक जरूर पूरे हो जाएं।
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हर अस्पताल पर हों चिकित्सक
फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव ने ग्रामीण क्षेत्र में अस्पतालों में डॉक्टर व स्टॉफ की उपस्थिति नहीं होने की समस्या से अवगत कराया। इस पर प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को निर्देश दिया कि इस समस्या को प्राथमिकता पर लें। कम से कम हर अस्पताल पर एक डॉक्टर जरूर रहें। अगर कोई ऐसा अस्पताल मिला, जहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अस्पतालों में मरम्मत आदि करा कर व्यवस्था दुरुस्त करा दें।
जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करें अधिकारी: एमएलसी
एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने कहा कि गांव को जोड़ने वाली सभी सड़क को दुरुस्त किया जाए। बेहद कमजोर लोगों के लिए संचालित शादी अनुदान और पेंशन योजना में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करें तो और बेहतर काम होगा। उन्होंने नगरीय पेयजल योजना से संबंधित पूछताछ करते हुए कहा कि जल निगम के द्वारा सीवर चालू होने के नाम पर धनराशि के भुगतान में अनियमितता कि शिकायत सही है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सड़क व पुल पर दिया गया जोर
वर्ष 202-22 के सापेक्ष वर्ष 2022-23 की जिला योजना में कई योजनाओं में धनराशि घटाई गई है। हालांकि सड़क पुल पर काफी जोर है। समाज कल्याण में पहले जहां 3883.30 लाख अनुमोदन के सापेक्ष 3893.80 लाख खर्च किया गया था इस वर्ष 4235.11 लाख के अनुमोदन सापेक्ष 1656.45 खर्च किया गया है। ग्रामीण आवास में पूर्व में 14400 लाख के सापेक्ष 9452.40 लाख खर्च किया गया इस वर्ष 6218.64 लाख के सापेक्ष 3731.18 लाख खर्च किया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में भी पिछली जिला योजना में 550 लाख का अनुमोदन था इस बार 100 लाख का अनुमोदन है। ग्रामीण स्वच्छता में पिछले जिला योजना में 2014.98 लाख के सापेक्ष 9.46 लाख खर्च हुआ तो इस बार 9.46 लाख के सापेक्ष 5.68 लाख खर्च हुआ। सिंचाई एवं जल संसाधन में पिछली जिला योजना में भी कोई अनुमोदन नहीं था इस बार भी कोई अनुमोदन नहीं है। सड़क एवं पुल में पिछली जिला योजना में 2138.20 लाख का अनुमोदन था इस बार 6086.11 लाख का अनुमोदन किया गया।
विभाग अनुमोदित धनराशि (लाख में)
वन विभाग 1228.60
रोजगार कार्यक्रम ग्राम्य विकास 14126.74
सड़क एवं पुल 6086.11
पंचायती राज 1038.30
प्राथमिक शिक्षा 2185.90
ग्रामीण आवास 6218.64
शिल्पकार प्रशिक्षण 172.96
समाज कल्याण 4235.11