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Ballia News: अब हरी मटर और टमाटर की फसल का भी करा सकेंगे बीमा
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बलिया। पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना में अब हरी मटर और टमाटर की फसल को भी बीमा कवर में शामिल किया गया है। जनपद में हरी मटर की फसल 4000 हेक्टेयर की जाती है। जबकि टमाटर की खेती करीब 110 हेक्टेयर में होती है। अब हरी मटर और टमाटर की खेती करने वाले किसान भी फसल का बीमा करा सकेंगे और यदि मौसम के चलते नुकसान होता है तो मुआवजा पा सकेंगे।
बीमा योजना ऋणी एवं गैर ऋणी दोनों तरह के किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि ऋणी किसान इस बीमा योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अंतिम तिथि के सात दिन पूर्व सूचना देनी होगी। गैर ऋणी किसान बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर या फिर फसल बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन बीमा करा सकेंगे। नामित बीमा कंपनी के कार्यालय पर पहुंचकर भी अधिक जानकारी लेते हुए बीमा कर सकते हैं। एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक हरी मटर और टमाटर का बीमा करा सकते हैं। जिसका जोखिम कवरेज अवधि एक दिसंबर से 29 फरवरी तक होगी। जनपद में क्रियान्वयन के लिए एक बीमा एजेंसी को नामित किया गया है। वहीं रवि की अन्य फसलें गेहूं, सरसों, आलू के लिए बीमा एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक करा सकते हैं।
बीमा के लिए नहीं भटकना होगा, जनपदीय कार्यालय हुआ शुरू
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराने को किसानों को भटकना नहीं होगा। नामित बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का कार्यालय विकास और कृषि भवन में शुरु किया गया है। इस कार्यालय से किसानों को बीमा संबंधी सभी जानकारियां मिल सकेंगी और शंकाओं का समाधान हो सकेगा।
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आंकड़ों की नजर में
15,000 किसान जिले में करते हैं हरी मटर की फसल
4000 हेक्टेयर में होती है मटर की फसल
110 हेक्टेयर में होती है टमाटर की खेती
5000 किसान जिले में करते है टमाटर की खेती
अब अन्य फसलों की तरह हरी मटर की फसल पर बीमा कवर के दायरे में होगी। बीमा करने के बाद यदि फसल को नुकसान होता है तो किसानों को बीमा कंपनी से उसको भरपाई की जाएगी। बीमा योजना ऋणी एवं गैर ऋणी दोनों तरह के किसानों के लिए स्वैच्छिक है। - पवन प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी, बलिया
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बीमा योजना ऋणी एवं गैर ऋणी दोनों तरह के किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि ऋणी किसान इस बीमा योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अंतिम तिथि के सात दिन पूर्व सूचना देनी होगी। गैर ऋणी किसान बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर या फिर फसल बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन बीमा करा सकेंगे। नामित बीमा कंपनी के कार्यालय पर पहुंचकर भी अधिक जानकारी लेते हुए बीमा कर सकते हैं। एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक हरी मटर और टमाटर का बीमा करा सकते हैं। जिसका जोखिम कवरेज अवधि एक दिसंबर से 29 फरवरी तक होगी। जनपद में क्रियान्वयन के लिए एक बीमा एजेंसी को नामित किया गया है। वहीं रवि की अन्य फसलें गेहूं, सरसों, आलू के लिए बीमा एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक करा सकते हैं।
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बीमा के लिए नहीं भटकना होगा, जनपदीय कार्यालय हुआ शुरू
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराने को किसानों को भटकना नहीं होगा। नामित बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का कार्यालय विकास और कृषि भवन में शुरु किया गया है। इस कार्यालय से किसानों को बीमा संबंधी सभी जानकारियां मिल सकेंगी और शंकाओं का समाधान हो सकेगा।
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आंकड़ों की नजर में
15,000 किसान जिले में करते हैं हरी मटर की फसल
4000 हेक्टेयर में होती है मटर की फसल
110 हेक्टेयर में होती है टमाटर की खेती
5000 किसान जिले में करते है टमाटर की खेती
अब अन्य फसलों की तरह हरी मटर की फसल पर बीमा कवर के दायरे में होगी। बीमा करने के बाद यदि फसल को नुकसान होता है तो किसानों को बीमा कंपनी से उसको भरपाई की जाएगी। बीमा योजना ऋणी एवं गैर ऋणी दोनों तरह के किसानों के लिए स्वैच्छिक है। - पवन प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी, बलिया