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अब चुनावी नारों के सहारे सियासी बढ़त लेने की कवायद

Sun, 20 Feb 2022 11:20 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 11:20 PM IST
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Now an exercise to take political lead with the help of election slogans
बलिया। आजादी के बाद हुए साल 1951-52 के आम चुनाव में कांग्रेस स्थायी, असांप्रदायिक, प्रगतिशील सरकार का नारा लेकर आम जनता के बीच पहुंची और सरकार बनाई। उसके बाद चाहें लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव राजनीतिक दलों के दिलचस्प नारे खूब सुनाई देते हैं। कई बार नारे लोगों पर जुबां पर ऐसे चढ़े कि सत्ता परिवर्तन तक हो गया। इस बार भाजपा का ‘यूपी प्लस योगी बराबर उपयोगी’ तो ‘सपा का नई हवा है, नई सपा है का नारा’ मतदाताओं के बीच सुनाई देता है। वहीं कांग्रेस का लड़की हूं, लड़ सकती हूं और बसपा का भाईचारा बढ़ाना है बसपा को लाना है का नारा इन दिनों मतदाताओं के बीच है।
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चुनाव विधानसभा का हो या लोकसभा का। पार्टियां एक दूसरे के कामकाजपर सवाल उठाकर इसका सियासी लाभ लेने के लिए सदैव आतुर रहीं हैं। मैदान में उतरने वाले सूरमा अपने-अपने दल की गाथा गाते हुए विपक्षी दल पर निशाना साधते रहे हैं। इस बीच राजनीतिक कद्दावरों ने एक दूसरे के किले को ढहाने के लिए स्लोगन दिए। कुछ नारे ऐसे बने जो लोगों की जुबां पर चढ़े है और कुछ नारों के जरिये तो माहौल बदलकर सरकार बनाने की कोशिशें होती रहीं। पहले जब सोशल मीडिया का जमाना नहीं था। उस समय चुनावी नारे ही घर-घर पहुंचते थे। गांव तक पहुंचने वाली समर्थकों की टोलियां नारे लगाते हुए गुजरतीं थीं। जोश के साथ नारे लगाने वाले समर्थक चुनावी पारा चढ़ाते है।
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के दौरान गूंजे नारे
वर्ष 1991 में भगवान श्रीराम मंदिर का आंदोलन चल रहा था। उस समय विश्व हिंदू परिषद ने नारा दिया कि बच्चा-बच्चा राम का, राम जन्मभूमि के काम का। यह नारा लोगों की जुबां पर छाया रहा और इस नारे के जरिए भाजपा को यूपी की सत्ता में काबिज होने के लिए बड़ी मदद मिली। कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने। उसके बाद भाजपा ने नारा दिया रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। जब मुलायम सिंह और कांशीराम एक मंच पर आए तब एक नारा दिया गया ‘मिल गए मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम’।
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इस विधानसभा चुनाव का माहौल बदल रहे यह नारे...
बसपा
-सर्वजन के सम्मान में बीएसपी मैदान में।
-बसपा का राज होगा तो कानून का राज होगा।
-यूपी को बचाना है तो बहनजी को लाना है।
-बेटियों को मुस्कुराने दो, बहन जी को आने दो।
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भाजपा
-सोच ईमानदार काम दमदार ।
-एक बार फिर भाजपा सरकार।
-अबकी बार 300 के पार।
-100 में 60 हमारा है, 40 में बंटवारा है उसमें भी हमारा है।
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सपा
-नई हवा है नई सपा है।
-22 में बाइसाइकिल ।
-बड़ों का हाथ युवा का साथ।
-यूपी का यह जनादेश आ रहे हैं अखिलेश।
-पिछड़ों, दलितों का इंकलाब होगा, 22 में बदलाव होगा।
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कांग्रेस
- लड़की हूं, लड़ सकती हूं।
-हाथ को मिलेगा सबका साथ।
-बिकाऊ नहीं टिकाऊ चाहिए।
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अतीत के नारे
- कचौड़ी तेल में इंदिरा गांधी जेल में
-जली झोपड़ी भागे बैल, यह देखो दीपक का खेल।
-इस दीपक में तेल नहीं, सरकार बनाना खेल नहीं।
-आधी रोटी खाएंगे, इंदिराजी को लाएंगे।
-यह देखा इंदिरा का खेल, खा गईं राशन, पी गई तेल।
-जात पर न पात पर, इंदिरा की बात पर, मोहर लगेगी हाथ पर।
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