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कटान के स्थाई समाधान की मांग को लेकर एनएच किया जाम
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दया छपरा इलाके में एनएच 31 पर जाम लगाते कटान पीड़ित।
- फोटो : BALLIA
दया छपरा/रामगढ़। बाढ़ व कटान से प्रभावित गांवों के ग्रामीण पांच सूत्री मांगों को लेकर पिछले नौ दिसंबर से दुबे छपरा हनुमत मँदिर पर क्रमिक अनशन कर रहे थे। लेकिन अधिकारियों की ओर से इसका संज्ञान नहीं लेने पर ग्रामीणों ने सुबह नौ बजे दुबे छपरा के पास एनएच 31 को जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम बैरिया अशोक कुमार चौधरी तथा बाढ़ खंड के एसडीओ कमलेश कुमार से वार्ता व लिखित आश्वासन के बाद तीन घंटे बाद 12 बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और आवागमन बहाल हो सका।
ग्रामीणों का कहना था कि हर साल करोड़ों खर्च होने के बावजूद न तो कटान रुक रहा है और न ही बाढ़ से राहत मिल रही है। इस साल भी बाढ़ विभाग जो प्रस्ताव दे रहा है उससे कोई फायदा नहीं होगा और केवल लूटपाट होगी। बाढ़ व कटान को लेकर स्थाई समाधान की जरुरत है। अधिकारियों ने आंदोलित लोगों को 10 दिनों के अन्दर बंधा पुनर्निर्माण, कटान से स्थाई समाधान, ड्रेजिंग कर नदी की धारा सीधा करने आदि के लिए प्रस्ताव शासन को भेज देने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने गृह अनुदान व भूमि आवंटन का कार्य 15 जनवरी तक करने का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि 30 दिसंबर तक प्रस्ताव शासन को भेजने के बाद उन्हें एक प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई तो एक जनवरी को वह पुन: इसी स्थान पर आमरण अनशन शुरु करेंगे। इस मौके पर पंकज तिवारी, विनोद सिंह, अयोध्या हिंद, ओंकार तिवारी, मुन्ना यादव, अतुल मिश्र, मुन्ना मिश्र, मैनेजर सिंह, राजनाथ यादव, सुभाष पासवान, ब्रह्मा शंकर राम, महेश तिवारी, काशीनाथ तिवारी, राम साहू तिवारी, चंद्रकांत तिवारी, प्रभाकर तिवारी, त्रिवेणी तिवारी आदि रहे। सुरक्षा को लेकर क्षेत्राधिकारी बैरिया अशोक कुमार सिंह, कोतवाल बैरिया संजय कुमार त्रिपाठी, कोतवाल हल्दी सत्येन्द्र राय, कोतवाल दोकटी आदि पुलिस बल के साथ रहे।
एनएच 31 पर जाम जाम के दौरान आंदोलनकारियों ने कोचिंग जाने वाले बच्चों व रोगियों के वाहन को नहीं रोका। इस तरह के वाहनों को शालीनता के साथ रास्ता देते रहे।
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ग्रामीणों का कहना था कि हर साल करोड़ों खर्च होने के बावजूद न तो कटान रुक रहा है और न ही बाढ़ से राहत मिल रही है। इस साल भी बाढ़ विभाग जो प्रस्ताव दे रहा है उससे कोई फायदा नहीं होगा और केवल लूटपाट होगी। बाढ़ व कटान को लेकर स्थाई समाधान की जरुरत है। अधिकारियों ने आंदोलित लोगों को 10 दिनों के अन्दर बंधा पुनर्निर्माण, कटान से स्थाई समाधान, ड्रेजिंग कर नदी की धारा सीधा करने आदि के लिए प्रस्ताव शासन को भेज देने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने गृह अनुदान व भूमि आवंटन का कार्य 15 जनवरी तक करने का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि 30 दिसंबर तक प्रस्ताव शासन को भेजने के बाद उन्हें एक प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई तो एक जनवरी को वह पुन: इसी स्थान पर आमरण अनशन शुरु करेंगे। इस मौके पर पंकज तिवारी, विनोद सिंह, अयोध्या हिंद, ओंकार तिवारी, मुन्ना यादव, अतुल मिश्र, मुन्ना मिश्र, मैनेजर सिंह, राजनाथ यादव, सुभाष पासवान, ब्रह्मा शंकर राम, महेश तिवारी, काशीनाथ तिवारी, राम साहू तिवारी, चंद्रकांत तिवारी, प्रभाकर तिवारी, त्रिवेणी तिवारी आदि रहे। सुरक्षा को लेकर क्षेत्राधिकारी बैरिया अशोक कुमार सिंह, कोतवाल बैरिया संजय कुमार त्रिपाठी, कोतवाल हल्दी सत्येन्द्र राय, कोतवाल दोकटी आदि पुलिस बल के साथ रहे।
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एनएच 31 पर जाम जाम के दौरान आंदोलनकारियों ने कोचिंग जाने वाले बच्चों व रोगियों के वाहन को नहीं रोका। इस तरह के वाहनों को शालीनता के साथ रास्ता देते रहे।
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