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Ballia News: निर्माणाधीन रेल पुल पर बंदर के हमले से मजदूर 50 फीट नीचे गिरा, घायल
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मांझी स्थित निर्माणाधीन पुल पर बंदर के धक्के से घायल मजदूर को उपचार के लिए ले जाते लोग। वीडियो
जयप्रकाश नगर। बैरिया थाना क्षेत्र में सरयू नदी पर बन रहे बलिया-छपरा रेल पुल पर बंदर के कारण हादसा हो गया। मंगलवार को निर्माणाधीन रेल पुल पर कार्य कर रहे एक मजदूर भीम मंडल पर बंदर ने हमला कर दिया, इससे वह लगभग 50 फीट नीचे गिरकर घायल हो गए।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के जोत गोपाल गांव निवासी भीम मंडल (35) रेल पुल पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान एक बंदर ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह संतुलन खो बैठे और पुल से नीचे गिर गए। साथी मजदूरों ने जेसीबी से मांझी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है और अब उनका उत्पात निर्माणाधीन रेल पुल तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं। क्षेत्र के जयप्रकाश सिंह, ब्रजेश सिंह, बिजेंद्र यादव और धर्मेंद्र यादव सहित अन्य लोगों ने रेलवे प्रशासन एवं संबंधित विभागों से निर्माण स्थल पर बंदरों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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बंदर ने बुजुर्ग को काटा
विकास खंड मुरली क्षेत्र के शिवपुर उर्फ कर्णछपरा गांव में भी लोग बंदरों से परेशान हैं। बुधवार को गांव निवासी देव प्रसाद सिंह (68) पर बंदर ने हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार कर्णछपरा और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का झुंड लंबे समय से उत्पात मचा रहा है। प्रधान प्रतिनिधि हरिजी सिंह, दुर्गविजय सिंह ‘झलन’, माधवेंद्र प्रताप सिंह, भोला सिंह, अरुण कुमार सिंह और गुड्डू सिंह ने बताया कि गांव वर्षों से बंदरों के आतंक से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर हमलावर बंदरों को पकड़ने तथा उन्हें आबादी से दूर सुरक्षित वन क्षेत्रों में छोड़ने की मांग की है।
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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के जोत गोपाल गांव निवासी भीम मंडल (35) रेल पुल पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान एक बंदर ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह संतुलन खो बैठे और पुल से नीचे गिर गए। साथी मजदूरों ने जेसीबी से मांझी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है और अब उनका उत्पात निर्माणाधीन रेल पुल तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं। क्षेत्र के जयप्रकाश सिंह, ब्रजेश सिंह, बिजेंद्र यादव और धर्मेंद्र यादव सहित अन्य लोगों ने रेलवे प्रशासन एवं संबंधित विभागों से निर्माण स्थल पर बंदरों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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बंदर ने बुजुर्ग को काटा
विकास खंड मुरली क्षेत्र के शिवपुर उर्फ कर्णछपरा गांव में भी लोग बंदरों से परेशान हैं। बुधवार को गांव निवासी देव प्रसाद सिंह (68) पर बंदर ने हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार कर्णछपरा और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का झुंड लंबे समय से उत्पात मचा रहा है। प्रधान प्रतिनिधि हरिजी सिंह, दुर्गविजय सिंह ‘झलन’, माधवेंद्र प्रताप सिंह, भोला सिंह, अरुण कुमार सिंह और गुड्डू सिंह ने बताया कि गांव वर्षों से बंदरों के आतंक से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर हमलावर बंदरों को पकड़ने तथा उन्हें आबादी से दूर सुरक्षित वन क्षेत्रों में छोड़ने की मांग की है।