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भोजन बनने की दी जाती है फर्जी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Thu, 26 May 2016 10:05 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी की छुट्टी में मध्याह्न भोजन को लेकर परिषदीय विद्यालय संवेदनशील नहीं दिख रहे। शासन के निर्देश के बाद भी अधिकतर परिषदीय विद्यालयों में ताले लटके मिल रहे हैं। इन स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं बनता बल्कि इसकी फर्जी रिपोर्ट शासन को भेज दी जा रही है। इससे अभिभावकों में रोष है। इसकी सच्चाई तब सामने आई जब गुरुवार को मिड डे मील समन्वयक अजीत पाठक स्कूलों में निरीक्षण करने पहुंचे।
विकास खंड बेलहरी और बैरिया के विद्यालयों के निरीक्षण में गुरुवार को परिषदीय विद्यालय बाबूबेल, बलिहार और इस्लामिया सहित 13 विद्यालय बंद पाये गए। जबकि इन विद्यालयों ने गुरुवार को मध्याह्न भोजन बनाए जाने की रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर भेज दी। यही नहीं इन विद्यालयों ने आइवीआरएस प्रणाली पर भोजन करने वाले बच्चों की संख्या 90 से 100 तक दिखा दी।
इन स्कूलों को प्रधानाध्यापकों को नोटिस भेजा गया है। ज्ञात हो कि शासन की ओर से आदेश है कि ग्रीष्मावकाश में भी बच्चों को मध्याह्न भोजन मिलेगी जिसे बनवाने की जिम्मेदारी हेडमास्टर से लगायत प्रधान तक की होगी। उधर, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक संघ पहले से ही छुट्टी में मध्याह्न भोजन का विरोध कर रहा है।
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विकास खंड बेलहरी और बैरिया के विद्यालयों के निरीक्षण में गुरुवार को परिषदीय विद्यालय बाबूबेल, बलिहार और इस्लामिया सहित 13 विद्यालय बंद पाये गए। जबकि इन विद्यालयों ने गुरुवार को मध्याह्न भोजन बनाए जाने की रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर भेज दी। यही नहीं इन विद्यालयों ने आइवीआरएस प्रणाली पर भोजन करने वाले बच्चों की संख्या 90 से 100 तक दिखा दी।
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इन स्कूलों को प्रधानाध्यापकों को नोटिस भेजा गया है। ज्ञात हो कि शासन की ओर से आदेश है कि ग्रीष्मावकाश में भी बच्चों को मध्याह्न भोजन मिलेगी जिसे बनवाने की जिम्मेदारी हेडमास्टर से लगायत प्रधान तक की होगी। उधर, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक संघ पहले से ही छुट्टी में मध्याह्न भोजन का विरोध कर रहा है।
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