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जीआइसी, कांग्रेस भवन के पास के लोगों की बल्ले-बल्ले
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 25 May 2016 10:25 PM IST
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मकान गिरा
- फोटो : self
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उप्र सरकार द्वारा नजूल की भूमि को फ्री होल्ड की नियमावली बनाने की कवायद से ऐसे जमीन के कब्जेदारों में खुशी की लहर है। यदि नियमावली कार्यरूप ले लेती है तो शहर ही नहीं ग्रामीण अंचलों की सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जेदारों को मालिकाना हक मिल जायेगा। हालांकि इसके लिए अवैध कब्जादारों को सरकारी शुल्क अदा करनी होगी।
नगर के राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तथा कांग्रेस भवन के समीप नजूल की भूमि है जो राजकीय इंटर कॉलेज के पूरब तथा दक्षिण दिशा में, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पूरब दिशा में तथा कांग्रेस भवन के दक्षिण ओर है। इन जगहों पर अवैध कब्जेदार जमे हुए हैं।
इन अवैध कब्जेदारों तथा सरकार के बीच मुकदमा भी चल रहा है। साथ ही कुछ ऐसी भी नजूल की भूमि है जिस पर किसी का भी मालिकाना हक नहीं है। देहातों में परती तथा ग्राम समाज की जमीन पर लोग कब्जा जमाए हुए हैं। नियमावली बनने के बाद इन जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को मालिकाना हक मिल सकता है।
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सरकारी जमीनों पर कब्जेदारों को उनका कानूनी हक दिलाने के पीछे भले ही चुनावी लाभ की मंशा हो लेकिन आम राय है कि ऐसा हो जाने पर कब्जे जैसे पुराने विवाद से लोगों को सदैव के लिए छुटकारा जरूर मिल जाएगा।
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नगर के राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तथा कांग्रेस भवन के समीप नजूल की भूमि है जो राजकीय इंटर कॉलेज के पूरब तथा दक्षिण दिशा में, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पूरब दिशा में तथा कांग्रेस भवन के दक्षिण ओर है। इन जगहों पर अवैध कब्जेदार जमे हुए हैं।
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इन अवैध कब्जेदारों तथा सरकार के बीच मुकदमा भी चल रहा है। साथ ही कुछ ऐसी भी नजूल की भूमि है जिस पर किसी का भी मालिकाना हक नहीं है। देहातों में परती तथा ग्राम समाज की जमीन पर लोग कब्जा जमाए हुए हैं। नियमावली बनने के बाद इन जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को मालिकाना हक मिल सकता है।
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सरकारी जमीनों पर कब्जेदारों को उनका कानूनी हक दिलाने के पीछे भले ही चुनावी लाभ की मंशा हो लेकिन आम राय है कि ऐसा हो जाने पर कब्जे जैसे पुराने विवाद से लोगों को सदैव के लिए छुटकारा जरूर मिल जाएगा।