बलिया। स्थानीय मॉडल तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही को प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल के नाम संबोधित पत्रक सौंपा। इसमें जीएसटी ट्रिब्यूनल का गठन कर अधिवक्ता की नियुक्ति को अनिवार्य करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने सिविल, फौजदारी कमिश्नरी में कार्यरत अधिवक्ता संघों की तरह अधिवक्ता संघों को उत्तर प्रदेश सरकार अधिवक्ता कक्ष आवंटित करने की मांग की। पत्रक में कहा है कि जीएसटी विधान कर निर्धारण तथा विवरण सत्यापन प्रक्रिया में करें। अधिवक्ता की भूमिका को अनिवार्य किया जाए। जीएसटी बार काउंसिल में वरिष्ठ अनुभवी अधिवक्ताओं को सम्मिलित किया जाए। जीएसटी विधान संसोधन में पूर्व अधिवक्ता संघ टैक्स बार प्रैक्टिसनर से भी सुझाव लिए जाएं। जीएसटी कर अधिवक्ता प्रैक्टिशनर को ऑडिट तथा वार्षिक विवरण को प्रमाणित करने का अधिकार दिया जाए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश विधान बनाकर विधि के विद्यार्थियों को शिक्षा समाप्ति के बाद किसी अधिवक्ता के मार्गदर्शन में 12 माह के इंटर्नशिप की व्यवस्था की जाए। नए अधिवक्ताओं को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल बार काउंसिल आफ इंडिया के मार्गदर्शन में जनपद, मंडल एवं राज्य स्तर पर सलाहकार परिषद गठित कर उचित सलाह दी जाए। इस मौके पर टैक्स बार के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा, सचिव उमेश प्रताप, उपाध्यक्ष राजेश्वर गिरी, सचिव संजय कुमार गुप्ता, बद्रीनाथ पांडेय, जनक कुमार पांडेय, अजय शंकर अधिवक्ता मौजूद रहे।