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Ballia News: काली मंदिर भी सरयू में समाया, नई बस्ती की ओर बढ़ रही सरयू
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बैरिया। गोपालनगर टाड़ी में स्थापित काली माता का मंदिर सरयू नदी की तेज लहरों में शनिवार की देर रात विलीन हो गया। मंदिर के पीछे दक्षिणी दीवार ही बची है। किसुनी यादव का 50 प्रतिशत मकान नदी में विलीन हो चुका है। शेष भाग नदी के तरफ लटका हुआ है।
रविवार को सरयू नदी की लहरें टाड़ी को छोड़कर उत्तर दिशा में नई बस्ती गोपालनगर के तरफ उपजाऊ भूमि को काट रही है। कटान स्थल से नई बस्ती की दूरी करीब तीन सौ मीटर ही शेष है। ऐसे में नई बस्ती के करीब 300 परिवारों के आशियानों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है।
टाड़ी में 35 पक्के मकान और 13 झोपड़ी युक्तमकानों को सरयू नदी की लहरें निगल चुकी हैं। पिछले वर्ष 65 लोगों का आशियाना नदी की भेंट चढ़ गया था। सरयू नदी के बाढ़ का पानी काफी निचले स्तर तक चला गया है। बावजूद रफ्ता-रफ्ता कटान हो रहा है। रविवार को टाड़ी में कटान न होकर नई बस्ती के सामने कटान तेज है। काश्तकारों की उपजाऊ भूमि कट रहती है। दीयरांचल के बाशिंदों का कहना है कि जब तक कटान रोकने के लिए बड़ी परियोजनाओं को नहीं लाया जाता, कटान रुकने वाला नहीं है।
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रविवार को सरयू नदी की लहरें टाड़ी को छोड़कर उत्तर दिशा में नई बस्ती गोपालनगर के तरफ उपजाऊ भूमि को काट रही है। कटान स्थल से नई बस्ती की दूरी करीब तीन सौ मीटर ही शेष है। ऐसे में नई बस्ती के करीब 300 परिवारों के आशियानों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है।
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टाड़ी में 35 पक्के मकान और 13 झोपड़ी युक्तमकानों को सरयू नदी की लहरें निगल चुकी हैं। पिछले वर्ष 65 लोगों का आशियाना नदी की भेंट चढ़ गया था। सरयू नदी के बाढ़ का पानी काफी निचले स्तर तक चला गया है। बावजूद रफ्ता-रफ्ता कटान हो रहा है। रविवार को टाड़ी में कटान न होकर नई बस्ती के सामने कटान तेज है। काश्तकारों की उपजाऊ भूमि कट रहती है। दीयरांचल के बाशिंदों का कहना है कि जब तक कटान रोकने के लिए बड़ी परियोजनाओं को नहीं लाया जाता, कटान रुकने वाला नहीं है।
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