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रविवार को मेले में उमड़ा जनसैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:23 PM IST
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रविवार को मेले में उमड़ा जनसैलाब
ऐतिहासिक ददरी मेला के चलाचली की बेला में अंतिम रविवार को मेलार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। अंतिम दिन खरीद्दारी करने के लिए उमड़े लोगों ने हर दूकानों पर भीड़ बनाए रखा। आलम यह रहा कि मेला जाने वाले रास्ते में भी लोगों की भीड़ के चलते घंटों जाम लगा रहा।ददरी मेले में ग्रामीण सहित नगर के इलाकों से आए लोगों ने रविवार को रेडिमेड, ऊनी तथा चादरों की खरीद्दारी की, जहां झूले-चर्खियों पर कतारें लगी हुई थी। वहीं चाट-छोले की दूकानें भी गुलजार रही। अंतिम दिन संडे पडने के चलते सरकारी कर्मचारी, ग्रामीण लोग मेले में पहुंच गए।
मेले में आए लोगों ने क्राकरी, किचेन और लकड़ी के बने सामनों की जमकर खरीद्दारी की। वहीं चौकी, पलंग, मेज, सोफा के दूकानदार संडे को भी नोटबंदी का असर बता रहे थे। दूकानदारों का कहना था कि इस बार मेले में उनकी बिक्री न के बराबर हुई है। लोगों ने जैसे-तैसे जुटाए पैसे से ही खरीद्दारी की है। जबकि हर बार ददरी मेले में शादी, विवाह के मद्देनजर पलंग, सोफा आदि की खरीद्दारी ददरी मेले से ही करते थे।
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मेले में आए लोगों ने क्राकरी, किचेन और लकड़ी के बने सामनों की जमकर खरीद्दारी की। वहीं चौकी, पलंग, मेज, सोफा के दूकानदार संडे को भी नोटबंदी का असर बता रहे थे। दूकानदारों का कहना था कि इस बार मेले में उनकी बिक्री न के बराबर हुई है। लोगों ने जैसे-तैसे जुटाए पैसे से ही खरीद्दारी की है। जबकि हर बार ददरी मेले में शादी, विवाह के मद्देनजर पलंग, सोफा आदि की खरीद्दारी ददरी मेले से ही करते थे।
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