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कटान पीड़ितों के आंदोलन को मिली धार
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Tue, 12 May 2015 10:59 PM IST
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जयप्रकाशनगर इलाके के इब्राहिमाबाद नौबरार (आठगांवा) में कटानरोधी काम न होने से नाराज कटान पीड़ितों का बेमियादी अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। समर्थन में कुछ और लोग बेमियादी अनशन पर बैठ गए हैं। वहीं अनशनकारी वृद्ध सभा बिंद की हालत बिगड़ने लगी है।
मौके पर पहुंचे बैरिया एसडीएम सुशील प्रताप सिंह ने अनशनकारियों का हाल जाना। बता दें कि विभाग ने गांव में कटान न हो, इसके लिए ठोकर का काम शुरू कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। कई बार के गुहार के बाद भी जब जिम्मेदार नहीं सुने तो कटानपीड़ित बेमियादी अनशन पर उतर आए।
बैरिया तहसील क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार आठगांवा के लोग चार साल से घाघरा का दंश झेलते आ रहे हैं। इसका परिणाम गांव के आठ पुरवों में तीन पुरवे और सैकड़ों बीघा खेती योग्य भूमि घाघरा में समा गई। बावजूद शासन-प्रशासन से आज तक सर्वे और आश्वासन ही लोगाें को मिला।
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इससे मजबूर होकर कटान पीड़ित बेमियादी अनशन पर बैठ गए। इस दौरान सभा को संबोधित करते बब्बन सिंह रघुवंशी ने कहा कि ये केवल आठगांवा की समस्या नहीं है।
यह पूरे जिले की समस्या है। कहा कि हम सभी लोग तब बेमियादी अनशन पर बैठे रहेंगे, जब तक कार्य का शुरू न करा दिया जाए। सोनबरसा निवासी अमिताभ उपाध्याय ने कहा कि हम कटान पीड़ितों को हर साल बाढ़ के समय आश्वासन दिया जाता है कि कटानरोधी काम शुरू कराया जाएगा, लेकिन होता कुछ नहीं।
कई वर्षों से हाड़तोड़ मेहनत कर एक-एक पैसा जुटाकर कुनबा बनाते हैं लेकिन इस प्रदेश सरकार में हम पीड़ितों को पूछने वाला कोई नहीं है। प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक लाव-लश्कर से साथ बाढ़ के समय आते हैं। उस समय कहते हैं कि बाढ़ का पानी जब घाघरा के पेटे में चला जाएगा तब कटानरोधी कार्य कराया जाएगा लेकिन जब घाघरा का पानी नीचे जाता है, तो वे वादा भूल जाते हैं।
सोमवार को आमरण अनशन करने वालों में राकेश सिंह, सभा बिंद, सदन पंडित ही थे लेकिन मंगलवार को क्षेत्र के महात्मा गांधी इंटर कालेज के प्रबंधक बब्बन सिंह, जमालपुर निवासी समाजसेवी विनय सिंह भी अनशन पर बैठ गए हैं। समर्थन में क्षेत्र के टोला फकरूराय, डोमन राय के टोला, सोनबरसा, चांदपुर, बैरिया सिवन राय के टोला सहित अन्य गांवों के लोग अनशन स्थल पर जमे हुए हैं।
अमरण अनशन स्थल पर पहुंचे बैरिया उपजिलाधिकारी सुशील प्रताप सिंह ने असमर्थता जताते हुए कटान पीड़ितों से कहा कि डीएम और जिले में आए विशेष सचिव ओमप्रकाश पाठक से शाम तक बातचीत कर सूचना देंगे। अनशनकारी सभा बिंद का निजी चिकित्सक से इलाज कराया।
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मौके पर पहुंचे बैरिया एसडीएम सुशील प्रताप सिंह ने अनशनकारियों का हाल जाना। बता दें कि विभाग ने गांव में कटान न हो, इसके लिए ठोकर का काम शुरू कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। कई बार के गुहार के बाद भी जब जिम्मेदार नहीं सुने तो कटानपीड़ित बेमियादी अनशन पर उतर आए।
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बैरिया तहसील क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार आठगांवा के लोग चार साल से घाघरा का दंश झेलते आ रहे हैं। इसका परिणाम गांव के आठ पुरवों में तीन पुरवे और सैकड़ों बीघा खेती योग्य भूमि घाघरा में समा गई। बावजूद शासन-प्रशासन से आज तक सर्वे और आश्वासन ही लोगाें को मिला।
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इससे मजबूर होकर कटान पीड़ित बेमियादी अनशन पर बैठ गए। इस दौरान सभा को संबोधित करते बब्बन सिंह रघुवंशी ने कहा कि ये केवल आठगांवा की समस्या नहीं है।
यह पूरे जिले की समस्या है। कहा कि हम सभी लोग तब बेमियादी अनशन पर बैठे रहेंगे, जब तक कार्य का शुरू न करा दिया जाए। सोनबरसा निवासी अमिताभ उपाध्याय ने कहा कि हम कटान पीड़ितों को हर साल बाढ़ के समय आश्वासन दिया जाता है कि कटानरोधी काम शुरू कराया जाएगा, लेकिन होता कुछ नहीं।
कई वर्षों से हाड़तोड़ मेहनत कर एक-एक पैसा जुटाकर कुनबा बनाते हैं लेकिन इस प्रदेश सरकार में हम पीड़ितों को पूछने वाला कोई नहीं है। प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक लाव-लश्कर से साथ बाढ़ के समय आते हैं। उस समय कहते हैं कि बाढ़ का पानी जब घाघरा के पेटे में चला जाएगा तब कटानरोधी कार्य कराया जाएगा लेकिन जब घाघरा का पानी नीचे जाता है, तो वे वादा भूल जाते हैं।
सोमवार को आमरण अनशन करने वालों में राकेश सिंह, सभा बिंद, सदन पंडित ही थे लेकिन मंगलवार को क्षेत्र के महात्मा गांधी इंटर कालेज के प्रबंधक बब्बन सिंह, जमालपुर निवासी समाजसेवी विनय सिंह भी अनशन पर बैठ गए हैं। समर्थन में क्षेत्र के टोला फकरूराय, डोमन राय के टोला, सोनबरसा, चांदपुर, बैरिया सिवन राय के टोला सहित अन्य गांवों के लोग अनशन स्थल पर जमे हुए हैं।
अमरण अनशन स्थल पर पहुंचे बैरिया उपजिलाधिकारी सुशील प्रताप सिंह ने असमर्थता जताते हुए कटान पीड़ितों से कहा कि डीएम और जिले में आए विशेष सचिव ओमप्रकाश पाठक से शाम तक बातचीत कर सूचना देंगे। अनशनकारी सभा बिंद का निजी चिकित्सक से इलाज कराया।