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Ballia News: यूपी में बिना त्यागपत्र दिए बिहार में बन गए शिक्षक
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जिले के कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षक बिना त्यागपत्र दिए ही बिहार में भर्ती परीक्षा में शामिल होकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे विद्यालयों में छात्राओं की संख्या 75 प्रतिशत से ज्यादा कम हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों के न आने से बालिकाएं भी कक्षा में नहीं जा रही हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत कुल नौ विद्यालय है। चहनियां को छोड़कर नौगढ़ दो बरहनी, सकलडीहा, नियामताबाद, चंदौली, चकिया, धानापुर और शहाबगंज में एक एक विद्यालयों में 900 बालिकाएं पंजीकृत हैं। बीते दो माह से विद्यालयों में शिक्षक और बालिकाओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि नौ विद्यालयों में कुल 94 शिक्षक तैनात हैं। इनमे बिहार बेसिक शिक्षा विभाग में चयन होने के बाद अभी तक मात्र दो शिक्षकों ने त्याग पत्र दिया हैं जबकि दस से 12 के करीब ऐसे शिक्षक हैं। जिनका त्याग पत्र नहीं मिला है। ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है बिना सूचना के अनुपस्थित शिक्षकों के मानदेय में कटौती की जाएगी।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत कुल नौ विद्यालय है। चहनियां को छोड़कर नौगढ़ दो बरहनी, सकलडीहा, नियामताबाद, चंदौली, चकिया, धानापुर और शहाबगंज में एक एक विद्यालयों में 900 बालिकाएं पंजीकृत हैं। बीते दो माह से विद्यालयों में शिक्षक और बालिकाओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि नौ विद्यालयों में कुल 94 शिक्षक तैनात हैं। इनमे बिहार बेसिक शिक्षा विभाग में चयन होने के बाद अभी तक मात्र दो शिक्षकों ने त्याग पत्र दिया हैं जबकि दस से 12 के करीब ऐसे शिक्षक हैं। जिनका त्याग पत्र नहीं मिला है। ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है बिना सूचना के अनुपस्थित शिक्षकों के मानदेय में कटौती की जाएगी।
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