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Ballia News: 250 अपात्रों को दे दिए आवास
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बलिया। वर्ष 2016 से लेकर अब तक सचिवों ने मिलीभगत से 250 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर दिए। जांच में मामले का खुलासा होने के बाद अब जिलाधिकारी ने इस पर सख्ती शुरू की है। इस धनराशि की रिकवरी संबंधित अधिकारियों के वेतन से की जाएगी। जिसके हस्ताक्षर से ये धनराशि जारी की गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। समीक्षा के दौरान पता चला कि वर्ष 2016 से अब तक बिना सत्यापन के 250 अपात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि का भुगतान किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा नगरा ब्लाक में 51, हनुमानगंज में 41, नवानगर में 39 और गड़वार में 37 आवास शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से यह भुगतान हुआ है, उनके वेतन से रिकवरी की जाएगी। जिलाधिकारी की सख्ती से अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।समीक्षा में यह भी सामने आया कि 27 आवास मृत व्यक्तियों के नाम पर आवंटित किए गए हैं, 80 आवास भूमि विवाद के कारण लंबित हैं। 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसके कारण अपूर्ण हैं।
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623 पीएम आवासों के सत्यापन करने के आदेश
बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 623 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें विकासखंड गड़वार में 62, सोहांव में 8, रेवती में 8 और चिलकहर में 4 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विकासखंड अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। निर्देशित किया कि सभी पेंडिंग आवास मामलों का तत्काल निस्तारण कराया जाए और 623 आवासों का सत्यापन कराने का निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवास प्लस सर्वे की प्रगति की समीक्षा की। निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों को सर्वे में पात्र अथवा अपात्र घोषित किया गया है, उसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रधान के माध्यम से खुली बैठक कर सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए। स्पष्ट किया जाए कि किन कारणों से किसी का नाम आवास सूची से हटाया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लाभार्थियों के शौचालय, विद्युत कनेक्शन और उज्ज्वला योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका डाटा तुरंत अपडेट किया जाए। मनरेगा योजना के अंतर्गत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की स्थिति की भी जानकारी ली गई। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश, बीडीओ आदि थे।
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कहां कितने अपात्रों को मिला आवास
ब्लाॅक आवास
नगरा 51
हनुमानगंज 41
नवानगर 39
गड़वार 37
पंदह 15
बेलहरी 13
रेवती 13
सीयर 12
रसड़ा 10
सोहांव 06
दुबहर 06
बांसडीह 05
मनियर 02
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। समीक्षा के दौरान पता चला कि वर्ष 2016 से अब तक बिना सत्यापन के 250 अपात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि का भुगतान किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा नगरा ब्लाक में 51, हनुमानगंज में 41, नवानगर में 39 और गड़वार में 37 आवास शामिल हैं।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से यह भुगतान हुआ है, उनके वेतन से रिकवरी की जाएगी। जिलाधिकारी की सख्ती से अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।समीक्षा में यह भी सामने आया कि 27 आवास मृत व्यक्तियों के नाम पर आवंटित किए गए हैं, 80 आवास भूमि विवाद के कारण लंबित हैं। 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसके कारण अपूर्ण हैं।
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623 पीएम आवासों के सत्यापन करने के आदेश
बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 623 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें विकासखंड गड़वार में 62, सोहांव में 8, रेवती में 8 और चिलकहर में 4 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विकासखंड अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। निर्देशित किया कि सभी पेंडिंग आवास मामलों का तत्काल निस्तारण कराया जाए और 623 आवासों का सत्यापन कराने का निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवास प्लस सर्वे की प्रगति की समीक्षा की। निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों को सर्वे में पात्र अथवा अपात्र घोषित किया गया है, उसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रधान के माध्यम से खुली बैठक कर सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए। स्पष्ट किया जाए कि किन कारणों से किसी का नाम आवास सूची से हटाया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लाभार्थियों के शौचालय, विद्युत कनेक्शन और उज्ज्वला योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका डाटा तुरंत अपडेट किया जाए। मनरेगा योजना के अंतर्गत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की स्थिति की भी जानकारी ली गई। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश, बीडीओ आदि थे।
कहां कितने अपात्रों को मिला आवास
ब्लाॅक आवास
नगरा 51
हनुमानगंज 41
नवानगर 39
गड़वार 37
पंदह 15
बेलहरी 13
रेवती 13
सीयर 12
रसड़ा 10
सोहांव 06
दुबहर 06
बांसडीह 05
मनियर 02