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725 परिवाराें की होली लापरवाही ने की बेरंग
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:10 AM IST
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ग्यारह माह के मानदेय भुगतान को लेकर होली पूर्व रोजगार सेवकों में जो उम्मीद जगी थी। उस पर सीडीओ की कारगुजारी ने पानी फेर दिया। दरअसल सीडीओ के आदेश को बीडीओ ने दरकिनार करते हुए धनराशि को संबंधित रोजगार सेवकों के खाते में भेजना मुनासिब नहीं समझा। सीडीओ ने भी इस बारे में कोई पहल नहीं की। नतीजतन इतने बड़े त्योहार में इन रोजगार सेवकों की होली फीकी हो गई। बच्चे पिचकारी और पकवान के लिए तरस गए।
होली खुशी-खुशी मने, इसे लेकर रोजगार सेवक अपने 11 माह के मानदेय को लेकर काफी दिनों से बीडीओ तो कभी सीडीओ के यहां दौड़ लगा रहे थे। होली के ठीक एक सप्ताह पूर्व रोजगार सेवकों की भूख हड़ताल 21 मार्च को सीडीओ के समक्ष प्रस्तावित था। जिसे देख हरकत में आए सीडीओ आनन-फानन में 18 मार्च को समस्त बीडीओ को निर्देश जारी किया था। जिससे रोजगार सेवकों में होली के पूर्व मन ही मन होली मनने लगी थी।
बच्चे, बीबी और परिवार सभी लोग सीडीओ को बधाई देने लगे और भूख हड़ताल स्थगित कर दिए। लेकिन उनको क्या पता था कि सीडीओ के निर्देश का पालन न करते हुए बीडीओ ने मानदेय का भुगतान नहीं कराया। रोजगार सेवकों की होली!नहीं मनी। और वे परेशान रहे। इस संबध में सीडीओ के बाला जी का कहना है कि जिन रोजगार सेवकों को मानदेय नहीं मिला वे आकर मुुझसे मिल लें । उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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होली खुशी-खुशी मने, इसे लेकर रोजगार सेवक अपने 11 माह के मानदेय को लेकर काफी दिनों से बीडीओ तो कभी सीडीओ के यहां दौड़ लगा रहे थे। होली के ठीक एक सप्ताह पूर्व रोजगार सेवकों की भूख हड़ताल 21 मार्च को सीडीओ के समक्ष प्रस्तावित था। जिसे देख हरकत में आए सीडीओ आनन-फानन में 18 मार्च को समस्त बीडीओ को निर्देश जारी किया था। जिससे रोजगार सेवकों में होली के पूर्व मन ही मन होली मनने लगी थी।
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बच्चे, बीबी और परिवार सभी लोग सीडीओ को बधाई देने लगे और भूख हड़ताल स्थगित कर दिए। लेकिन उनको क्या पता था कि सीडीओ के निर्देश का पालन न करते हुए बीडीओ ने मानदेय का भुगतान नहीं कराया। रोजगार सेवकों की होली!नहीं मनी। और वे परेशान रहे। इस संबध में सीडीओ के बाला जी का कहना है कि जिन रोजगार सेवकों को मानदेय नहीं मिला वे आकर मुुझसे मिल लें । उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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