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पर्यटन विकास के लिए मिले डेढ़ करोड़ रुपये
ballia
Updated Wed, 21 Dec 2016 10:04 PM IST
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Kashmir Tourism
- फोटो : File Photo
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जनपद के ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद रंग लाई है। यहां के तीन प्रमुख स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकासित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत तीन प्रमुख स्थलों भृगु मंदिर, कारो धाम और बरईया का पोखरा के लिए 1.48 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
सांसद भरत सिंह ने बताया कि जनपद में ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए उनकी तरफ से लगतार कवायद की जा रही थी, जिसके तहत पिछले दिनों पर्यटन मंत्रालय के निर्देश पर एक सर्वे टीम भी जनपद में पहुंची थी। इस टीम के सदस्यों ने बलिया नगर स्थित भृगु मंदिर, कारोधाम, पराशर मुनी का आश्रम, बरइया का पोखरा, बसंत विहार का सर्वे कर मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपा था। उन्होंने बताया कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रारंभिक तौर पर तीन प्रमुख स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।
भृगु मंदिर के लिए 37 लाख, कारोधाम के लिए 74 लाख और बरइया के पोखरे के लिए 37 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राशि स्वीकृत होने के साथ ही कार्य कराने के लिए केंद्रीय कार्यदायी संस्था एनपीसीसी को दे दिया गया है। सांसद ने बताया कि मंत्रालय द्वारा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए धन की स्वीकृति कर दी गई है। उनका प्रयास होगा कि जल्द से जल्द कार्य को शुरू कराने का प्रयास होगा।
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सांसद भरत सिंह ने बताया कि जनपद में ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए उनकी तरफ से लगतार कवायद की जा रही थी, जिसके तहत पिछले दिनों पर्यटन मंत्रालय के निर्देश पर एक सर्वे टीम भी जनपद में पहुंची थी। इस टीम के सदस्यों ने बलिया नगर स्थित भृगु मंदिर, कारोधाम, पराशर मुनी का आश्रम, बरइया का पोखरा, बसंत विहार का सर्वे कर मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपा था। उन्होंने बताया कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रारंभिक तौर पर तीन प्रमुख स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।
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भृगु मंदिर के लिए 37 लाख, कारोधाम के लिए 74 लाख और बरइया के पोखरे के लिए 37 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राशि स्वीकृत होने के साथ ही कार्य कराने के लिए केंद्रीय कार्यदायी संस्था एनपीसीसी को दे दिया गया है। सांसद ने बताया कि मंत्रालय द्वारा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए धन की स्वीकृति कर दी गई है। उनका प्रयास होगा कि जल्द से जल्द कार्य को शुरू कराने का प्रयास होगा।
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