पूर्व भाजपा विधायक राम इकबाल ने पूछा: पेपर लीक मामले में मंत्री, सचिव पर क्यों नहीं होती कार्रवाई, कहा- पुलिस से ज्यादा भ्रष्टाचार शिक्षा विभाग में
भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने कहा कि यूपी में बेरोजगारी का आंकड़ा सरकार के लिए सिर दर्द हो गया है। 69 हजार अध्यापकों की भर्ती में आरक्षण विसंगतियों में संशोधन की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहे बेरोजगारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, लोकतांत्रिक देश में यह काफी दुखद है।
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भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने अपनी ही सरकार पर हमला बोला है। कहा कि यूपीटेट या किसी परीक्षा का पेपर लीक होने पर मंत्री, सचिव, प्रमुख सचिव, निदेशक पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। क्यों छोटे लोगों पर कार्रवाई की जाती है। वे मंगलवार को बलिया के नगरा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व विधायक ने कहा कि अधिकारी ने पेपर लीक नहीं किया तो पेपर नीचे पहुंचा कैसे। शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पुलिस से कई गुना अधिक भ्रष्टाचार शिक्षा विभाग में है। डीआईओएस कार्यालय में बिना रिश्वत न कोई सेंटर बनता है न किसी विद्यालय को मान्यता मिलती।
सरकार चलाने वालों को सब पता है। राज्य स्तर पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है। 69 हजार अध्यापकों की भर्ती में आरक्षण विसंगतियों में संशोधन की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहे बेरोजगारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, लोकतांत्रिक देश में यह काफी दुखद है। यूपी में बेरोजगारी का आंकड़ा सरकार के लिए सिर दर्द हो गया है।
नौकरी के नाम पर गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को अनलिमिटेड पावर दे दी गई है। पीछे से फोटो खींच लो और मनमाना फाइन ऑनलाइन भेज दो। इस ऑनलाइन चालान से तमाम ट्रकों के पहिए थम गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि मनमाने फाइन को समाप्त कर चालान का एक सीमित रेट तय कर दें।
थानों में लूट तंत्र मचा है। बाइक चोरी की घटनाएं रोज बढ़ रही हैं लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। पूरा क्षेत्र जानता है कि बाइक चोर कौन है। यह सीधे-सीधे अपराधियों को बचाने के लिए पीड़ितों का मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। क्रय केंद्र बंद है, किसान औने-पौने दाम पर धान बेच रहा। जिले में स्वास्थ्य सुविधा बदहाल है।