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Ballia News: आयु प्रमाणपत्र में छेड़छाड़ का आरोप सीएमओ समेत 5 पर प्राथमिकी दर्ज
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बलिया। किशोर न्याय बोर्ड में चल रहे मामले से जुड़े आयु प्रमाणपत्र में कथित छेड़छाड़ और कूटरचना के आरोप में सदर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट, सीएमओ समेत तीन चिकित्सकों और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
गड़वार थाना क्षेत्र के सवन गांव निवासी जयराम राम की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जयराम राम ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि पुत्र प्रविन्द्र कुमार के खिलाफ वर्ष 2019 में गड़वार थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस समय पुत्र के नाबालिग होने का दावा किया गया, जिसके बाद मामला किशोर न्याय बोर्ड पहुंचा और प्रकीर्ण वाद दर्ज हुआ।
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आवेदन के मुताबिक किशोर न्याय बोर्ड ने बेटे प्रविन्द्र की आयु निर्धारण के लिए 20 दिसंबर 2021 को जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन में 17 जनवरी 2022 को चिकित्सकों की टीम ने उसका परीक्षण किया।
इसके बाद जारी आयु प्रमाणपत्र में उम्र 20 वर्ष अंकित किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि प्रमाणपत्र में उम्र अंग्रेजी के शब्दों में भी दर्ज थी। जयराम का आरोप है कि बाद में किशोर न्याय बोर्ड की पत्रावली में दाखिल मूल प्रमाणपत्र में अंकित 20 वर्ष को कथित रूप से छेड़छाड़ कर 22 वर्ष कर दिया गया।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि प्रमाणपत्र में कथित बदलाव में तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. आरडी राम और तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी की भूमिका रही। इसके अलावा सवन निवासी राकेश सिंह पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
जयराम के अनुसार उन्होंने मामले की शिकायत पहले सदर कोतवाली पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया गया। कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। कोतवाल प्रवीण सिंह ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन सीएमओ सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
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गड़वार थाना क्षेत्र के सवन गांव निवासी जयराम राम की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जयराम राम ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि पुत्र प्रविन्द्र कुमार के खिलाफ वर्ष 2019 में गड़वार थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस समय पुत्र के नाबालिग होने का दावा किया गया, जिसके बाद मामला किशोर न्याय बोर्ड पहुंचा और प्रकीर्ण वाद दर्ज हुआ।
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आवेदन के मुताबिक किशोर न्याय बोर्ड ने बेटे प्रविन्द्र की आयु निर्धारण के लिए 20 दिसंबर 2021 को जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन में 17 जनवरी 2022 को चिकित्सकों की टीम ने उसका परीक्षण किया।
इसके बाद जारी आयु प्रमाणपत्र में उम्र 20 वर्ष अंकित किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि प्रमाणपत्र में उम्र अंग्रेजी के शब्दों में भी दर्ज थी। जयराम का आरोप है कि बाद में किशोर न्याय बोर्ड की पत्रावली में दाखिल मूल प्रमाणपत्र में अंकित 20 वर्ष को कथित रूप से छेड़छाड़ कर 22 वर्ष कर दिया गया।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि प्रमाणपत्र में कथित बदलाव में तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. आरडी राम और तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी की भूमिका रही। इसके अलावा सवन निवासी राकेश सिंह पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
जयराम के अनुसार उन्होंने मामले की शिकायत पहले सदर कोतवाली पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया गया। कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। कोतवाल प्रवीण सिंह ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन सीएमओ सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।