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पिता ही कराता हैं अच्छे बुरे का एहसास

Fri, 19 Jun 2020 09:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 09:54 PM IST
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Father only makes you feel good and bad
बलिया। मां ममता की प्रतिमूर्ति होती है लेकिन पिता ही अपने बच्चों को अनुशासित जीवन जीने की सीख देने के साथ ही अच्छे बुरे का एहसास कराते है। पिता ही हैं जो सच्चाई के मार्ग पर चलते चलते हुए लक्ष्य प्राप्ति की प्रेरणा देते हैं। ये कहना है अपने पिता की सीख की बदौलत कामयाबी पाने वाले लोगों का। 21 जून को फादर्स डे मनाया जाएगा। ऐसे विभिन्न वर्ग के लोगों ने पिता की दिखाई कामयाबी की राह को याद कर रहे हैं।
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मेरे पिता बहादुर सिंह इंटर कालेज में प्रवक्ता रहे। उन्होंने पीसीएस की परीक्षा के लिए प्रेरित किया। सफलता मिलने पर मेरा चयन शिक्षा विभाग में हुआ। चित्रकूट के तीर मऊ में जन्म लेने के बाद मेरी शिक्षा इलाहाबाद में हुई। इसके बाद अध्यापक बने। पिता जी पीसीएस के लिए निरंतर प्रेरित करते रहे। वे कहा करते थे कर्म सर्वोपरि है। कर्म के बल पर इंसान भाग्य को बदल सकता है। उनके इस वाक्य से प्रेरणा मिली जिसका पालन आज भी करते हैं ।-शिव नारायण सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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समय का पाबंद होने की नसीहत ने मेरी जिंदगी ही बदल दी। पिता जी रुद्र नारायण सिंह बचपन से ही समय की कद्र करना और उसके अनुसार चलने की सीख देते रहते थे। रामगढ़, गंगापुर जैसे गंवई माहौल में जन्म लेने के बाद सहायक अध्यापक तक पहुंचने में पिता जी की यह नसीहत बहुत काम आई। आज सेवा के दौरान भी पिता जी की सीख प्रेरणा देती है। यही कारण है कि मैं अपने बच्चों को भी समय का पाबंद होने की बात अभी से सिखाता हूं।-कुंदन सिंह, सहायक अध्यापक
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हमेशा बड़े बुजुर्गों की बातों का अनुसरण करना, उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना, ईमानदारी व लगन से काम करने की नसीहत पिता श्री बृजेश मिली। झरकटहा जैसे पिछड़े गांव में जन्म लेने के बावजूद समाज की सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने में इस सीख ने बड़ी मदद की। यही कारण है कि समाज के बेहतर अनुभवों को आत्मसात कर अपने जीवन को सही मार्ग प्रदान करना मेरे लिए सहज हो गया है।-अभिषेक सिंह हैप्पी, समाजसेवी

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बड़ों के बताए मार्ग पर चलने, प्रेम व्यवहार ले रहने की नसीहत पिता स्व. अरविंद श्रीवास्तव से मिली जिससे मेरी जिंदगी बदल गई और कारोबार में भी इजाफा हुआ। जीवन में जब भी मुश्किलें आती हैं तब पिता जी की यह सीख समाधान बन कर मार्ग प्रशस्त करती है। पिता जी से मिली सीख जीवन के अंधियारे को दूर करती है।-संजीव कुमार श्रीवास्तव, कपड़ा व्यापारी
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