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युवाओं की अरुचि से अपना जिला टीकाकरण में फिसड्डी
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बलिया। कोरोना टीकाकरण की रफ्तार जिले में धीमी पड़ गई है। लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण वर्तमान में नहीं हो पा रहा है। शत प्रतिशत टीककारण तो दूर जनपद टीकाकरण में प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर है। कारण कि बूथों पर लोग कम संख्या में टीकाकरण के लिए पहुंच रहे है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण को लेकर सक्रिय है। इसके लिए गांव स्तर पर टीम गठित किया गया है, जो डोर-टू-डोर पहुंच कर टीकाकरण करने का काम कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक जनपद में कुल 59 प्रतिशत लोगों को कोरोना टीका की पहली डोज लगा दी गई है। शेष को लगाने की कवायद जारी है।
बता दें कि जनपद में कोरोना टीका लगाने को लेकर बूथों पर जहां घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। अब उन बूथों पर कर्मचारी टीका लगाने वालों का इंतजार कर रहे है। बावजूद लोग बूथों पर टीका लगाने नहीं पहुंच रहे है। हालांकि शासन व स्वास्थ्य विभाग ने मेेगा टीकाकरण कैंप लगाकर एक दिन में हजारों लोगों को टीका लगाने का काम किया है। इसके बाद अब गांव स्तर पर टीमों को गठित कर डोर-टू-डोर टीका लगानेे के लिए कार्य किया जा रहा है। ताकि किसी भी गांव में कोई भी घर टीका लगवाने से वंचित ना रह सकें। लेकिन वर्तमान में कोरोना टीका लगवाने को लेकर लोगों में उत्सुकता काफी कम दिख रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा आशा, आंगनबाड़ी समेत कई विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से डोर-टू-डोर टीका लगाने का काम कर रहा है। जिसका नतीजा है कि 26 दिसंबर तक 18 प्लस वाले 992091 लोगों को पहली डोज तथा 589581 लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। इस प्रकार पहली डोज 59.94 फीसदी तथा दूसरी डोज 35.62 फीसदी लगाई गई है। जबकि 45 प्लस के 390882 लोगों को पहली डोज तथा 277584 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। इस प्रकार 81.39 फीसदी तथा 57.80 फीसदी टीके लगाए जा चुके हैं। वही 60 प्लस वाले 268495 लोगों को पहली डोज तथा 190092 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। इस प्रकार 86.27 फीसदी तथा 61.08 फीसदी टीके लगाए गए हैं। इस बाबत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके तिवारी ने बताया कि जनपद में अब तक 18 प्लस वाले 59.94 फीसदी लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। शेष को लगाने की कवायद जा रही है। बताया कि 18 प्लस वाले टीकाकरण में रूचि कम ले रहे है। इसकी जांच पड़ताल की जा रही है और गांव स्तर पर टीके लगाए जा रहे है। ताकि 18 प्लस वालों का टीका में प्रतिशत बढ़े सके।
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बता दें कि जनपद में कोरोना टीका लगाने को लेकर बूथों पर जहां घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। अब उन बूथों पर कर्मचारी टीका लगाने वालों का इंतजार कर रहे है। बावजूद लोग बूथों पर टीका लगाने नहीं पहुंच रहे है। हालांकि शासन व स्वास्थ्य विभाग ने मेेगा टीकाकरण कैंप लगाकर एक दिन में हजारों लोगों को टीका लगाने का काम किया है। इसके बाद अब गांव स्तर पर टीमों को गठित कर डोर-टू-डोर टीका लगानेे के लिए कार्य किया जा रहा है। ताकि किसी भी गांव में कोई भी घर टीका लगवाने से वंचित ना रह सकें। लेकिन वर्तमान में कोरोना टीका लगवाने को लेकर लोगों में उत्सुकता काफी कम दिख रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा आशा, आंगनबाड़ी समेत कई विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से डोर-टू-डोर टीका लगाने का काम कर रहा है। जिसका नतीजा है कि 26 दिसंबर तक 18 प्लस वाले 992091 लोगों को पहली डोज तथा 589581 लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। इस प्रकार पहली डोज 59.94 फीसदी तथा दूसरी डोज 35.62 फीसदी लगाई गई है। जबकि 45 प्लस के 390882 लोगों को पहली डोज तथा 277584 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। इस प्रकार 81.39 फीसदी तथा 57.80 फीसदी टीके लगाए जा चुके हैं। वही 60 प्लस वाले 268495 लोगों को पहली डोज तथा 190092 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। इस प्रकार 86.27 फीसदी तथा 61.08 फीसदी टीके लगाए गए हैं। इस बाबत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके तिवारी ने बताया कि जनपद में अब तक 18 प्लस वाले 59.94 फीसदी लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। शेष को लगाने की कवायद जा रही है। बताया कि 18 प्लस वाले टीकाकरण में रूचि कम ले रहे है। इसकी जांच पड़ताल की जा रही है और गांव स्तर पर टीके लगाए जा रहे है। ताकि 18 प्लस वालों का टीका में प्रतिशत बढ़े सके।
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