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महिला चिकित्सक के अभाव में बच्चे की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 13 Apr 2016 08:06 PM IST
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मरे हुए व्यक्ति के स्पर्म से दो कन्याओं का जन्म
- फोटो : amar ujala bureau
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में बुधवार की सुबह महिला चिकित्सक के अभाव में जन्म से पहले ही शिशु की मौत हो गई। आरोप है कि तीमारदारों के बार-बार गुहार लगाने के बाद भी चिकित्सक इलाज करने नहीं आए।
हालत बिगड़ने पर महिला को परिवार के सदस्य एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां आपरेशन के बाद मृत बच्चे का जन्म हुआ।
बैरिया थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव की पूर्व प्रधान आशा देवी को प्रसव-पीड़ा के बाद उसके पति पूर्व प्रधान धर्मेंद्र तिवारी मंगलवार की देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए, जहां कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। उन्होंने स्टाफ नर्सों से अपनी पत्नी को देखने को कहा। लेकिन नर्सों ने महिला की हालत ठीक न बताते हुए कहीं और ले जाने को कहा।
ऐेसे में अपने आवास पर सो रहे दो चिकित्सकों से मरीज को देख लेने की गुहार लगाई। लेकिन महिला को देखने के लिए कोई नहीं पहुंचा। घंटे भर बाद एक चिकित्सक ने उसे जिला मुख्यालय ले जाने की सलाह दी।
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तब तक महिला की स्थिति गंभीर हो चुकी थी। परिजनों ने उसे एक निजी नर्सिंग होम में तत्काल भर्ती कराया, जहां महिला का आपरेशन किया गया। लेकिन तब तक शिशु की मौत हो चुकी थी। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य सोनबरसा पर मंगलवार की देर रात तैनात चिकित्सक डा. व्यास राम ने कहा कि रात्रि में मुझे किसी द्वारा जगाए जाने की जानकारी नहीं है।
जबकि दूसरे चिकित्सक एनके सिंह द्वारा प्रसूति महिला की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल के लिए रेफर करने की जानकारी मुझे दी गई है। उन्होंने बताया कि यहां महिला और शिशु रोग का कोई चिकित्सक नहीं है। जिससे आए दिन प्रसूति महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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हालत बिगड़ने पर महिला को परिवार के सदस्य एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां आपरेशन के बाद मृत बच्चे का जन्म हुआ।
बैरिया थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव की पूर्व प्रधान आशा देवी को प्रसव-पीड़ा के बाद उसके पति पूर्व प्रधान धर्मेंद्र तिवारी मंगलवार की देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए, जहां कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। उन्होंने स्टाफ नर्सों से अपनी पत्नी को देखने को कहा। लेकिन नर्सों ने महिला की हालत ठीक न बताते हुए कहीं और ले जाने को कहा।
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ऐेसे में अपने आवास पर सो रहे दो चिकित्सकों से मरीज को देख लेने की गुहार लगाई। लेकिन महिला को देखने के लिए कोई नहीं पहुंचा। घंटे भर बाद एक चिकित्सक ने उसे जिला मुख्यालय ले जाने की सलाह दी।
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तब तक महिला की स्थिति गंभीर हो चुकी थी। परिजनों ने उसे एक निजी नर्सिंग होम में तत्काल भर्ती कराया, जहां महिला का आपरेशन किया गया। लेकिन तब तक शिशु की मौत हो चुकी थी। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य सोनबरसा पर मंगलवार की देर रात तैनात चिकित्सक डा. व्यास राम ने कहा कि रात्रि में मुझे किसी द्वारा जगाए जाने की जानकारी नहीं है।
जबकि दूसरे चिकित्सक एनके सिंह द्वारा प्रसूति महिला की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल के लिए रेफर करने की जानकारी मुझे दी गई है। उन्होंने बताया कि यहां महिला और शिशु रोग का कोई चिकित्सक नहीं है। जिससे आए दिन प्रसूति महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।