फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   The farce was staged for sympathy own kidnapping

सहानुभूति के लिए रचा था खुद के अपहरण का स्वांग

Wed, 30 Sep 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया Updated Wed, 30 Sep 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
The farce was staged for sympathy own kidnapping
बैरिया कसबा के बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायी अरविंद कुमार वर्मा ने बकाए रुपयों की वसूली के लिए खुद के अपहरण का स्वांग रचा। ताकि बकाएदार उसके पैसे जल्द लौटा दे। लेकिन मंगलवार को की शाम पुलिस ने उसे मांझी स्थित पुल के पास से पकड़ लिया। पुलिस ने कारोबारी का चालान कर दिया।
विज्ञापन


बैरिया एसओ संजय सिंह ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि कसबा निवासी व्यवसायी अरविंद वर्मा आठ सितंबर को जिला मुख्यालय गया था। इसी दौरान वह लापता हो गया था। उसने पत्नी को अपने ही फोन से अपहरण की जानकारी दी।
विज्ञापन


साथ ही 15 लाख फिरौती मांगने की बात बताई थी। पत्नी पूनम की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज िकया गया  और स्वाट प्रभारी राजकुमार को इसमें लगाया गया था। मंगलवार की शाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त व्यापारी यूपी-बिहार सीमा पर स्थित मांझी पुल के समीप देखा गया है। वहां पहुंचकर बैरिया पुलिस और स्वाट टीम ने व्यवसायी को पकड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसओ ने बताया कि व्यवसायी अरविंद वर्मा ने स्वीकार किया कि उसके 15 लाख रुपये मार्केट में बकाया है। जबकि सात से आठ लाख रुपये का कर्जदार वह स्वयं था। बकाया पैसा निकलवाने के लिए ये नाटक रचा। साजिश के तहत आठ सितंबर की देर शाम बक्सर होते हुए बाइक से ही धनबाद चला गया।


वहां एक रिक्शा चालक बद्री रजक से दोस्ती बढ़ाकर उसके साथ गिरीडीह जिले के अररिया गांव में रहने लगा। दो दिन पहले अपने गांव के लिए बाइक से निकला था। इसी बीच वह मांझी पुल के पास से पकड़ लिया गया। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में स्वाट टीम के प्रभारी राजकुमार सिंह, कांस्टेबल अतुल सिंह, अरुण यादव, जगदीश मौर्या, विनय तिवारी, सजद खान आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed