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छात्रों ने पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 25 May 2016 10:19 PM IST
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बर्खास्त पुलिसकर्मी को भगाने के मामले में 18 मई को पुलिस ने एक अधिवक्ता सहित 11 छात्रों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। इसके विरोध में छात्र-अधिवक्ता बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचे और पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों और अधिवक्ता को फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है। इस दौरान डीएम और एसपी के आश्वासन पर छात्र मान गए। अधिकारीद्वय ने कहा कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गत 18 मई की देर शाम शीश महल पर एक बर्खास्त सिपाही ने दूकानदार से मारपीट की। इस मामले में जापलिनगंज चौकी प्रभारी ने सिपाही को लॉकअप में डाल दिया। इसके बाद 25 से 30 की संख्या में लोग कोतवाली पहुंचे और सिपाही को छुड़ाने के लिए हंगामा करने लगे।
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जिस पर पुलिस ने बल प्रयोग कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। जिसमें एक अधिवक्ता के साथ ही छात्र भी शामिल थे। बुधवार को छात्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को भी अपने कार्यालय में बुला लिया। डीएम-एसपी और छात्रनेताओं के बीच वार्ता हुई। डीएम और एसपी ने मामले की जांच कर निर्दोष छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। इस मौके पर टीडी कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिप्रांत सिंह एवं छात्रनेता अमित कुमार सिंह के अलावा रानू पाठक आदि रहे।
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आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों और अधिवक्ता को फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है। इस दौरान डीएम और एसपी के आश्वासन पर छात्र मान गए। अधिकारीद्वय ने कहा कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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गत 18 मई की देर शाम शीश महल पर एक बर्खास्त सिपाही ने दूकानदार से मारपीट की। इस मामले में जापलिनगंज चौकी प्रभारी ने सिपाही को लॉकअप में डाल दिया। इसके बाद 25 से 30 की संख्या में लोग कोतवाली पहुंचे और सिपाही को छुड़ाने के लिए हंगामा करने लगे।
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जिस पर पुलिस ने बल प्रयोग कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। जिसमें एक अधिवक्ता के साथ ही छात्र भी शामिल थे। बुधवार को छात्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को भी अपने कार्यालय में बुला लिया। डीएम-एसपी और छात्रनेताओं के बीच वार्ता हुई। डीएम और एसपी ने मामले की जांच कर निर्दोष छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। इस मौके पर टीडी कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिप्रांत सिंह एवं छात्रनेता अमित कुमार सिंह के अलावा रानू पाठक आदि रहे।