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अधूरा शौचालय बनाकर पैसे का गोलमाल
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Thu, 02 Jun 2016 08:12 PM IST
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शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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ब्लॉक क्षेत्र में शौचालय बनाने के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल किया गया है। व्यक्तिगत शौचालय 31 ग्राम पंचायत में 40 फीसदी ही बने है। वहीं सामुदायिक शौचालय का आधा अधूरा दीवार खड़ा करके छोड़ दिया गया है। ऐसे में क्षेत्र के लोग अभी भी खुले में शौच करने के लिए विवश है।
शौचालय के निर्माण नहीं कराए जाने से कई मुख्य सड़क मार्ग पर गंदगी की भरमार है। इसको लेकर तालिबपुर के ग्रामीणों ने तहसील से लेकर जिला मुख्यालय के आला अधिकारियों को पत्रक दे चुके है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बैरिया विकास खंड अंतर्गत 31 ग्राम पंचायत में व्यक्तिगत शौचालय के नाम पर एक व्यक्ति को शासन द्वारा 12 हजार रुपये दिया जाता है। जबकि सामुदायिक शौचालय के नाम पर प्रति शौचालय एक लाख 80 हजार रुपये की लागत से बनाने का नियम है।
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क्षेत्र में सैकड़ों व्यक्तिगत शौचालय बनाने के लिए दिए गए। लेकिन ब्लॉक मुख्यालय के एडीओ पंचायत कार्यालय की सूत्रों की माने तो जिस ग्राम पंचायत में करीब तीन सौ व्यक्तिगत शौचालय बनना है।
वहां मात्र 70 से 75 शौचालय किसी तरह बनाए गए है। ऐसे में पूरे विकास खंड की आंकड़े की माने तो 40 फीसदी ही शौचालय बनकर तैयार है। वह भी ऐसा शौचालय जिसमें कुछ न कुछ कार्य की कमी होने के कारण उपयोग नहंीं किया जा सकता है।
तालिबपुर के त्रिपुरारी सिंह, श्रीराम, मंगल, कमलेश ङ्क्षसह, जितेंद्र सिंह ने बैरिया एसडीएम से लगायत सीडीओ के बालाजी को पत्रक देकर शिकायत किया है कि तालिबपुर में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए वर्ष 2014 में एक लाख 80 हजार रुपया निकाल लिया गया।
इसके बाद सामुदायिक शौचालय के लिए छह से सात फीट की दीवार खड़ा कर छोड़ दिया गया। मामले में सीडीओ केबालाजी, ग्राम पंचायत सचिव को फटकार भी लगा चुके है। बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं हुआ। इस बावत एडीओ पंचायत उमेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। कार्रवाई करने का अधिकार आला अफसरों को है।
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शौचालय के निर्माण नहीं कराए जाने से कई मुख्य सड़क मार्ग पर गंदगी की भरमार है। इसको लेकर तालिबपुर के ग्रामीणों ने तहसील से लेकर जिला मुख्यालय के आला अधिकारियों को पत्रक दे चुके है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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बैरिया विकास खंड अंतर्गत 31 ग्राम पंचायत में व्यक्तिगत शौचालय के नाम पर एक व्यक्ति को शासन द्वारा 12 हजार रुपये दिया जाता है। जबकि सामुदायिक शौचालय के नाम पर प्रति शौचालय एक लाख 80 हजार रुपये की लागत से बनाने का नियम है।
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क्षेत्र में सैकड़ों व्यक्तिगत शौचालय बनाने के लिए दिए गए। लेकिन ब्लॉक मुख्यालय के एडीओ पंचायत कार्यालय की सूत्रों की माने तो जिस ग्राम पंचायत में करीब तीन सौ व्यक्तिगत शौचालय बनना है।
वहां मात्र 70 से 75 शौचालय किसी तरह बनाए गए है। ऐसे में पूरे विकास खंड की आंकड़े की माने तो 40 फीसदी ही शौचालय बनकर तैयार है। वह भी ऐसा शौचालय जिसमें कुछ न कुछ कार्य की कमी होने के कारण उपयोग नहंीं किया जा सकता है।
तालिबपुर के त्रिपुरारी सिंह, श्रीराम, मंगल, कमलेश ङ्क्षसह, जितेंद्र सिंह ने बैरिया एसडीएम से लगायत सीडीओ के बालाजी को पत्रक देकर शिकायत किया है कि तालिबपुर में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए वर्ष 2014 में एक लाख 80 हजार रुपया निकाल लिया गया।
इसके बाद सामुदायिक शौचालय के लिए छह से सात फीट की दीवार खड़ा कर छोड़ दिया गया। मामले में सीडीओ केबालाजी, ग्राम पंचायत सचिव को फटकार भी लगा चुके है। बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं हुआ। इस बावत एडीओ पंचायत उमेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। कार्रवाई करने का अधिकार आला अफसरों को है।