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Ballia Lok Sabha: दो दशक पुराने फार्मूले को BSP ने दोहराया, सपा के परंपरागत वोटरों को किया लक्ष्य
Thu, 18 Apr 2024 07:51 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 18 Apr 2024 07:51 PM IST
सार
Ballia Lok Sabha: सोशल इंजीनियरिंग के उसी फार्मूले को बसपा के रणनीतिकार अमलीजामा पहनाने की कोशिश में हैं और इतिहास स्वयं को दोहराए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। हालांकि तब और अब की परिस्थितियों में भिन्नता अवश्य है। मसलन, तब पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर चुनावी मैदान में थे। अब उनके पुत्र व राज्यसभा सांसद नीरज शेखर मैदान में है।
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लल्लन सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी ने बलिया लोकसभा सीट के लिए लल्लन सिंह यादव को अपना उम्मीदवार बना कर एक तीर से दो निशाना साधा है। एक ओर तो बसपा ने अपने उम्मीदवार के सहारे सपा के परंपरागत यादव वोटरों में सेंधमारी करने की कोशिश की है, तो वहीं दूसरी ओर 20 वर्ष पूर्व आजमाए गए अपने फार्मूले से इतिहास बनाने की कवायद में जुटी है। बसपा की नजर दलित, मुस्लिम और यादव बिरादरी को अपने पाले में करने की है।
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पार्टी के थिंकटैंक का आंकलन और रणनीति सफल रही तो बलिया संसदीय सीट के लिए होने वाले चुनाव में बसपा का फार्मूला सपा के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। अतीत के पन्नों पर नजर डाले तो वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में बलिया संसदीय सीट से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर चुनाव मैदान में थे। तब सपा ने उनका समर्थन किया था। भाजपा ने ब्राह्मण उम्मीदवार पीएन तिवारी पर दांव लगाया था।
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बसपा ने सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के तहत मऊ जनपद के रतनपुरा निवासी कपिलदेव यादव को मैदान में उतार दिया। हालांकि चुनाव का परिणाम पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पक्ष में रहा और वे 13.1 फीसदी अधिक मतों से विजयी घोषित हुए थे, लेकिन चुनावी लड़ाई में गैर जनपद से आए कपिलदेव ने 1,89,082 मत प्राप्त कर न सिर्फ चुनाव को रोचक बना दिया था बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री को चुनावी रणनीति बदलने पर विवश कर दिया था।
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जिले की पांच विधानसभाओं द्वाबा, बलिया, बांसडीह, कोपाचीट और चिलकहर को मिलाकर ही बलिया संसदीय सीट हुआ करती थी। बदले परिसीमन में अब गाजीपुर जिले की जहूराबाद और मुहम्मदाबाद के साथ-साथ बलिया की फेफना, बलिया नगर और बैरिया विधान सभा शामिल हैं। चिलकहर विधानसभा समाप्त हो चुकी है। कोपाचिट के स्थान पर फेफना विस है और बांसडीह विस सलेमपुर लोकसभा का हिस्सा है।