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बलिया के अनिमेश को मिला 1.70 करोड़ का जॉब ऑफर

Thu, 27 Aug 2020 09:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 09:03 PM IST
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Ballia's Animesh gets 1.70 crore job offer
जयप्रकाश नगर/दया छपरा। जिले के बादिलपुर (पोखरा) निवासी अनिमेष आनंद मिश्रा (29) को अमेरिकी कंपनी मैकेंजी ने 1.70 करोड़ रुपये का वार्षिक पैकेज दिया है। कंपनी ने ज्वाइनिंग लेटर दे दिया है और अनिमेश फरवरी 2021 में कंपनी को ज्वाइन करेंगे। इस समय वे कैलिफोर्निया में जॉब कर रहे हैं। उनकी बहन अंकिता मिश्रा भी कैलिफोर्निया में इंजीनियर हैं। उनके पिता श्रीप्रकाश मिश्रा दुबेछपरा स्थित पीएन इंटर कॉलेज के शिक्षक हैं। पिता ने कहा कि बेटे की सफलता अन्य छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी। वहीं बेटे की सफलता से मां सरोज मिश्रा भी बेहद खुश हैं।
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पिता श्रीप्रकाश मिश्रा ने बताया कि जब पुत्र अनिमेश आनंद मिश्रा और पुत्री अंकिता मिश्रा की उम्र स्कूल में दाखिल कराने की हुई तो सरोज ने दोनों को वाराणसी में पढ़ाने की बात कही। इसके बाद उनकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर वाराणसी शिफ्ट हो गईं। पत्नी ने वाराणसी में दोनों बच्चों का दाखिला सेंट जांस स्कूल मढ़ौली में कराया। अनिमेश शुरू से ही मेधावी था, उसने अपनी हर कक्षा में टॉप किया। बहन भी पढ़ने में ठीक थी। हाई स्कूल के बाद अनिमेश केबीपीवाई की परीक्षा में शामिल हुआ। इसमें पूरे प्रदेश से अनिमेश समेत दो बच्चे चयनित हुए। इसके बाद अनिमेश की पढ़ाई का जिम्मा आइसर कंपनी ने ले लिया। कंपनी के खर्चे पर ही अनिमेश ने 2014 में भोपाल में एमएस तक की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद कंपनी ने इन्हें नौकरी भी दे दी। उसी वर्ष अनिमेश ने पीएचडी करने का निर्णय लिया जो अब भी जारी है। लगभग एक वर्ष पूर्व अनिमेश को कंपनी की ओर से कैलिफोर्निया भेजा गया। इस समय भी वे वहीं तैनात हैं। अनिमेश ने देश-विदेश की नामी कंपनियों में इंटरव्यू दिया था लेकिन सबसे अधिक पैकेज 1.70 करोड़ का सालाना पैकेज मैकेंजी कंसलटेंसी ने दिया।
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हर मां चाहती है संतान से हो उसकी पहचान: सरोज मिश्रा
अनिमेश की मां सरोज मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक मां की यह ललक होती है कि उसकी पहचान संतान की सफलता से बने। उसे समाज में उसकी संतान की वजह से इज्जत मिले। आज अनिमेश ने मेरी ये ललक पूरी कर दी। संतान को सफल बनाने में मां की ही अहम भूमिका होती है और उसे इसके लिए कई त्याग भी करने पड़ते हैं। आज पुत्र की सफलता ने मुझे अपनी जवानी के उन दिनों दिक्कतों को भुला दिया है, जब मैंने बच्चों की खातिर पति से दूर अकेले रहने का फैसला लिया था। वह दौर वह समय काफी कठिन था।
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मां के त्याग व पिता के सहयोग से मिली सफलता: अनिमेश
वाट्सएप कॉल के माध्यम से कैलिफोर्निया में रह रहे अनिमेश से संपर्क किया गया तो उन्होंने भी कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं अपनी मां के त्याग और पिता के सहयोग की बदौलत ही हैं। हर मां चाहती है कि उसकी संतान सफल हो, लेकिन सभी इसमें सफल नहीं हो पातीं, क्योंकि उन्हें सहयोग नहीं मिल पाता, परिस्थितियां वैसी नहीं बन पातीं। मेरी मां के साथ अच्छी बात यही रही कि पापा ने हर कदम पर उनका साथ दिया और उनके हर निर्णय को सराहा। मां ने अकेले रहते हुए भी हमें कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि हम पापा से दूर हैं। वह मौका देखते ही कभी मां तो कभी पापा के रूप में हमारे सामने होती थी। अनिमेश ने कहा कि यदि सभी बच्चें माता-पिता की इच्छाओं के अनुरूप चलने लगें तो उन्हें सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता।
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