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Ballia News : कारतूस तस्कर गैंग का इनामिया गिरफ्तार, बिहार पहुंचा चुका है 750 कारतूस; STF को भी देता था चकमा
Thu, 21 Nov 2024 12:04 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 21 Nov 2024 12:04 AM IST
सार
Ballia News : गिरफ्तार युवक ने बताया कि जाैनपुर के शाहगंज से कारतूस लेकर हम लोग बिहार के अपराधियों को देते थे। इसके बाद वहां से पैसे लेकर कुछ दिन तक शांत रहते थे। डिमांड के अनुसार ही कारतूस को बिहार पहुंचाया जाता था। एसटीएफ वाराणसी को इनामिया अंकित की तलाश काफी दिनों से थी।
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एसटीएफ की गिरफ्त में कारतूस तस्करी का आरोपी युवक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अंतरराज्यीय स्तर पर कारतूस की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य एवं 25 हजार के इनामिया अंकित पांडेय को एसटीएफ ने बुधवार को रेलवे स्टेशन परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, 250 रुपये मिले हैं।
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पिछले दिनों ट्रेन से छपरा कारतूस ले जाते समय युवती को रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से केंद्रीय व राज्य की खुफिया एंजेसियों ने जांच तेज की। एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अनिल सिंह ने जांच कर सूचनाएं जुटाईं। विश्वस्त सूत्र के माध्यम से जीआरपी बलिया में कारतूस तस्करी के दर्ज मुकदमे में वांछित 25 हजार के इनामी कारतूस तस्कर अंकित पांडेय निवासी बाराचवर, थाना करीमुद्दीनपुर को स्टेशन परिसर से गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में अंकित ने बताया कि गांव नसीरपुर कटरिया के रहने वाले रोशन यादव के साथ वह पढ़ाई करता था। दोनों अच्छे दोस्त थे। इसी दौरान इन दोनों की दोस्ती मिर्जापुर की रहने वाली एक लड़की से हो गई। दोनों की पहचान कारतूस की तस्करी करने वाले जौनपुर के शुभम सिंह से हो गई। शुभम ही इन दोनों को कारतूस लाकर जौनपुर के शाहगंज में देता था। यह दोनों कारतूस को बिहार के अपराधियों को पहुंचाते थे।
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अंकित 15 से 13 अक्तूबर के बीच दो बार में 750 कारतूस बिहार पहुंचा चुका है। 23 अक्तूबर को अंकित पांडेय, रोशन सिंह एवं युवती कारतूस लेकर बिहार के अपराधियों को बेचने जा रहे थे। वे भी ट्रेन थे। युवती को दोनों ने दूसरी बोगी में बैठाया था। अंकित व रोशन पीछे की बोगी में बैठे थे। जीआरपी ने चेकिंग के दौरान युवती को कारतूस संग गिरफ्तार कर लिया, लेकिन यह दोनों फरार हो गए।