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आरा-बलिया रेल लाइन : 55 साल का इंतजार होगा खत्म, सात स्टेशन बनेंगे
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बलिया। आरा- बलिया को जोड़ने वाली 62 किलोमीटर लंबी रेललाइन का फाइनल सर्वे जल्द आने वाला है। उसके बाद डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगा। लाइन पर 7 स्टेशन बनाए जाएंगे।
यूपी-बिहार के गंगा किनारे बसे दियारा क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर आवागमन की सुविधा से वंचित रहे हैं। बाढ़ और बरसात के दौरान संपर्क कट जाता है। बलिया से आरा को जोड़ने वाली नई रेल लाइन को मंजूर होने में 55 वर्ष लग गए। कांग्रेस की सरकार में रेल लाइन का प्रस्ताव रेल मंत्री राम शुभग सिंह (तत्कालीन सांसद आरा) ने सरकार के समक्ष रखा था, लेकिन प्रस्ताव लटक गया था।
पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के प्रयास से सरकार ने सर्वे के लिए 78 करोड़ स्वीकृत किया गया। गति शक्ति ने बकुलहा-आरा वाया महुली के रास्ते भी सर्वे कराया था। बकुलहा-महुली वाया आरा के रास्ते में दो जगह दलदली जमीन सर्वे में मिलने के बाद रघुनाथपुर से आरा वाया नैनिजोर से नई रेल लाइन बनाने की हरी झंडी दी गई। सर्वे में इसमें कुल सात स्टेशन बनाना तय हुआ। इसके लिए जमीनी सर्वे के साथ जीपीएस सर्वे एक वर्ष से अधिक समय तक चला। सर्वे पूरा होने के करीब पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सर्वे रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जाएगी। उसके बाद डीपीआर तैयार होगा, जिस पर सहमति मिलने पर निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी।
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पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने विगत दिनों रेल मंत्री से मुलाकात कर परियोजना में तेजी लाने की मांग की।
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यूपी-बिहार के गंगा किनारे बसे दियारा क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर आवागमन की सुविधा से वंचित रहे हैं। बाढ़ और बरसात के दौरान संपर्क कट जाता है। बलिया से आरा को जोड़ने वाली नई रेल लाइन को मंजूर होने में 55 वर्ष लग गए। कांग्रेस की सरकार में रेल लाइन का प्रस्ताव रेल मंत्री राम शुभग सिंह (तत्कालीन सांसद आरा) ने सरकार के समक्ष रखा था, लेकिन प्रस्ताव लटक गया था।
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पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के प्रयास से सरकार ने सर्वे के लिए 78 करोड़ स्वीकृत किया गया। गति शक्ति ने बकुलहा-आरा वाया महुली के रास्ते भी सर्वे कराया था। बकुलहा-महुली वाया आरा के रास्ते में दो जगह दलदली जमीन सर्वे में मिलने के बाद रघुनाथपुर से आरा वाया नैनिजोर से नई रेल लाइन बनाने की हरी झंडी दी गई। सर्वे में इसमें कुल सात स्टेशन बनाना तय हुआ। इसके लिए जमीनी सर्वे के साथ जीपीएस सर्वे एक वर्ष से अधिक समय तक चला। सर्वे पूरा होने के करीब पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सर्वे रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जाएगी। उसके बाद डीपीआर तैयार होगा, जिस पर सहमति मिलने पर निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी।
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पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने विगत दिनों रेल मंत्री से मुलाकात कर परियोजना में तेजी लाने की मांग की।