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Ballia News: बाढ़ राहत के लिए 33.55 करोड़ की सात परियोजनाओं की स्वीकृति
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बलिया। शासन की ओर से बरसात से पहले संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने की कवायद शुरू कर दी गई है। नाबार्ड से वित्तपोषित 33.54 करोड़ की सात परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसमें एक स्थान पर नए स्पर के निर्माण के साथ ही पांच पुराने स्परों का पुनरोद्धार कराया जाएगा। इसके साथ ही पांच स्थानों पर बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। इन स्परों और रिवेटमेंट के कार्य को पिछली बाढ़ में काफी नुकसान पहुंचा था।
बरसता के दिनों में जनपद में गंगा, सरयू और टोंस आदि नदियां उफान पर होती हैं। इन नदियों में आने वाली बाढ़ से लाखों की आबादी प्रभावित होती है। नदियों के किनारे बसे लोगों को जानमाल का नुकसान उठान पड़ता है। सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन और फसल को नदिया कटान अपने आगोश में ले लेती हैं।
बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए बाढ़ विभाग की ओर से कई प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसे शासन से स्वीकृति मिलनी शुरू हो गई है। नबार्ड से वित्तपोषित योजना के तहत 33.52 करोड़ की सात परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
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इसमें 5.99 करोड़ की लागत से सरयू नदी के दाएं किनारे स्थित तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध के किमी 62.250 पर नए स्पर का निर्माण कराया जाएगा। गंगा के बाएं किनारे स्थित एनएच-31 तटबंध पर दो स्परों, सरयू के किनारे हाहानाला तटबंध पर तीन स्परों का पुनरोद्धार का कार्य भी कराया जाएगा।
गंगा नदी के बाढ़ से प्रभावित गोपालपुर और दूबे छपरा के साथ ही इंदरपुर-थम्हनपुरा तटबंध पर भी सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। कुछ अन्य स्थानों पर भी सुरक्षात्मक कार्यों की स्वीकृति मिली है। कार्य शुरू कराने के लिए पहली किस्त में 13 करोड़ से ज्यादा की धनराशि जारी कर दी गई है।
बाढ़ से परियोजनाओं को हुआ था नुकसान
रामगढ़। एनएच-31 पर गंगा के मुहाने पर बसे गांवों को सुरक्षित करने के लिए बाढ़ विभाग नई परियोजनाओं के साथ ही गत वर्षों पहले क्षतिग्रस्त हुए करोड़ों रुपए से बने के स्परों की मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव स्वीकृत कराए हैं। शासन से हरी झंडी मिल गई है। हालांकि मार्च महीने में वित्तीय वर्ष की समाप्ति से ये धन वापस भी करना पर सकता है। एक दशक में गंगापुर डगरा से लेकर दुबे छपरा तक करीब आधा दर्जन ठोकरों का निर्माण कराया गया है।
मानक के अनुरूप कार्य न होने के कारण यह ठोकर हर साल गंगा की लहरों के सामने बौने साबित होते हैं। गंगा की लहरें हर साल किसी न किसी ठोकरों को अपना शिकार बना लेती है। सितंबर माह में गंगा की लहरों ने स्पर संख्या 27.500 पर धावा बोल दिया था। इसके कारण ठोकर का अगला हिस्सा कटकर गंगा की लहरों में बह गया। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
2.79 करोड़-गंगा बाएं किनारे बलिया-बैरिया तटबंध के किमी 26.700 एवं 27.500 पर स्पर का पुनरोद्धार-1.39 करोड़
5.99 करोड़-सरयू नदी के दाएं तट पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध के किमी 62.250 पर स्पर निर्माण-2.99 करोड़
3.35 करोड़-गंगा के बाएं तट पर इंदरपुर-थम्हनपुरा बंधे के किमी 5.150 एवं 5.550 के बीच सुरक्षा कार्य-1.67 करोड़
4.71 करोड़-टोंस नदी के दाएं किनारे गोलसपुर बंधे के किमी 3.600 से 4.200 के मध्य सुरक्षा कार्य-2.35 करोड़
4.64 करोड़-गंगा के बाएं तट पर इंदरपुर-थम्हनपुरा बंधे के किमी 7.400 एवं 7.700 के बीच सुरक्षा कार्य-2.32 करोड़
3.74 करोड़-गंगा नदी के बाएं तट पर गोपालपुर एवं दुबे छपरा की सुरक्षा के लिए कार्य-1.87 करोड़
8.30 करोड़- सरयू पर हाहानाला तटबंध के किमी 1.2, 1.4,1.6 पर स्पर का पुनरोद्धार एवं सुरक्षा कार्य-1.15 करोड़
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बरसता के दिनों में जनपद में गंगा, सरयू और टोंस आदि नदियां उफान पर होती हैं। इन नदियों में आने वाली बाढ़ से लाखों की आबादी प्रभावित होती है। नदियों के किनारे बसे लोगों को जानमाल का नुकसान उठान पड़ता है। सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन और फसल को नदिया कटान अपने आगोश में ले लेती हैं।
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बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए बाढ़ विभाग की ओर से कई प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसे शासन से स्वीकृति मिलनी शुरू हो गई है। नबार्ड से वित्तपोषित योजना के तहत 33.52 करोड़ की सात परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
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इसमें 5.99 करोड़ की लागत से सरयू नदी के दाएं किनारे स्थित तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध के किमी 62.250 पर नए स्पर का निर्माण कराया जाएगा। गंगा के बाएं किनारे स्थित एनएच-31 तटबंध पर दो स्परों, सरयू के किनारे हाहानाला तटबंध पर तीन स्परों का पुनरोद्धार का कार्य भी कराया जाएगा।
गंगा नदी के बाढ़ से प्रभावित गोपालपुर और दूबे छपरा के साथ ही इंदरपुर-थम्हनपुरा तटबंध पर भी सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। कुछ अन्य स्थानों पर भी सुरक्षात्मक कार्यों की स्वीकृति मिली है। कार्य शुरू कराने के लिए पहली किस्त में 13 करोड़ से ज्यादा की धनराशि जारी कर दी गई है।
बाढ़ से परियोजनाओं को हुआ था नुकसान
रामगढ़। एनएच-31 पर गंगा के मुहाने पर बसे गांवों को सुरक्षित करने के लिए बाढ़ विभाग नई परियोजनाओं के साथ ही गत वर्षों पहले क्षतिग्रस्त हुए करोड़ों रुपए से बने के स्परों की मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव स्वीकृत कराए हैं। शासन से हरी झंडी मिल गई है। हालांकि मार्च महीने में वित्तीय वर्ष की समाप्ति से ये धन वापस भी करना पर सकता है। एक दशक में गंगापुर डगरा से लेकर दुबे छपरा तक करीब आधा दर्जन ठोकरों का निर्माण कराया गया है।
मानक के अनुरूप कार्य न होने के कारण यह ठोकर हर साल गंगा की लहरों के सामने बौने साबित होते हैं। गंगा की लहरें हर साल किसी न किसी ठोकरों को अपना शिकार बना लेती है। सितंबर माह में गंगा की लहरों ने स्पर संख्या 27.500 पर धावा बोल दिया था। इसके कारण ठोकर का अगला हिस्सा कटकर गंगा की लहरों में बह गया। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
2.79 करोड़-गंगा बाएं किनारे बलिया-बैरिया तटबंध के किमी 26.700 एवं 27.500 पर स्पर का पुनरोद्धार-1.39 करोड़
5.99 करोड़-सरयू नदी के दाएं तट पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध के किमी 62.250 पर स्पर निर्माण-2.99 करोड़
3.35 करोड़-गंगा के बाएं तट पर इंदरपुर-थम्हनपुरा बंधे के किमी 5.150 एवं 5.550 के बीच सुरक्षा कार्य-1.67 करोड़
4.71 करोड़-टोंस नदी के दाएं किनारे गोलसपुर बंधे के किमी 3.600 से 4.200 के मध्य सुरक्षा कार्य-2.35 करोड़
4.64 करोड़-गंगा के बाएं तट पर इंदरपुर-थम्हनपुरा बंधे के किमी 7.400 एवं 7.700 के बीच सुरक्षा कार्य-2.32 करोड़
3.74 करोड़-गंगा नदी के बाएं तट पर गोपालपुर एवं दुबे छपरा की सुरक्षा के लिए कार्य-1.87 करोड़
8.30 करोड़- सरयू पर हाहानाला तटबंध के किमी 1.2, 1.4,1.6 पर स्पर का पुनरोद्धार एवं सुरक्षा कार्य-1.15 करोड़