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Ballia News: द्वाबा में स्थापित होगा अमूल डेयरी का प्लांट
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बैरिया। द्वाबा क्षेत्र खास करके दूध व सब्जी उत्पादन का हब बनता जा रहा है। ऐसे में बैरिया विधानसभा में अमूल डेयरी प्रोजेक्ट की स्थापना जल्द होने वाली है। उक्त बातें सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि कृषि बजट के अतिरिक्त किसानों के लिए तीन लाख 70 हजार करोड़ का विशेष पैकेज प्रधानमंत्री ने जारी किया है।
इसके क्रम में प्राकृतिक खेती, भूमि में सल्फर की मात्रा बढ़ाने तथा किसानों के विकास संबंधी विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू की जाएंगी। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दावा किया कि किसान सम्मान निधि के प्रति वर्ष 6000 के अलावा सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजना से मिलने वाली सब्सिडी के रूप में औसतन 50 हजार सालाना पंजीकृत किसानों को मिल रहा है। सभी किसानों को चाहिए कि अनिवार्य रूप से वह अपने फसलों का पंजीकरण कराएं और सरकारी लाभ प्राप्त करें।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनका जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए कृत संकल्पित है। देश में ही अब यूरिया बनेगी। इसके लिए बाहर से आयात करने में विदेशी मुद्रा खर्च नहीं होगी। पराली खेतों में नहीं जलाई जाएगी, पराली से खाद बनेगी। गोवर्धन योजना के तहत गोबर व अन्य कृषि अपशिष्ट से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसके लिए हर ब्लाक क्षेत्र में एक इकाई स्थापित करने की योजना है।
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यह क्षेत्र दूध और सब्जी उत्पादन का हब है। इसलिए अमूल डेयरी प्रोजेक्ट दोआबा क्षेत्र में जल्द ही स्थापित की जाएगी। इसके लिए अमूल डेयरी के महाप्रबंधक से बात की है। बहुत जल्दी ही इस बाबत कार्य शुरू होगा। सब्जियों को भी बाहर भेजने की तैयारी चल रही है। सांसद ने प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ाने के लिए स्कूलों के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती की पढ़ाई का अध्याय शामिल किए जाने के सरकार के निर्णय से पत्रकारों को अवगत कराया।
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इसके क्रम में प्राकृतिक खेती, भूमि में सल्फर की मात्रा बढ़ाने तथा किसानों के विकास संबंधी विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू की जाएंगी। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दावा किया कि किसान सम्मान निधि के प्रति वर्ष 6000 के अलावा सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजना से मिलने वाली सब्सिडी के रूप में औसतन 50 हजार सालाना पंजीकृत किसानों को मिल रहा है। सभी किसानों को चाहिए कि अनिवार्य रूप से वह अपने फसलों का पंजीकरण कराएं और सरकारी लाभ प्राप्त करें।
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सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनका जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए कृत संकल्पित है। देश में ही अब यूरिया बनेगी। इसके लिए बाहर से आयात करने में विदेशी मुद्रा खर्च नहीं होगी। पराली खेतों में नहीं जलाई जाएगी, पराली से खाद बनेगी। गोवर्धन योजना के तहत गोबर व अन्य कृषि अपशिष्ट से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसके लिए हर ब्लाक क्षेत्र में एक इकाई स्थापित करने की योजना है।
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यह क्षेत्र दूध और सब्जी उत्पादन का हब है। इसलिए अमूल डेयरी प्रोजेक्ट दोआबा क्षेत्र में जल्द ही स्थापित की जाएगी। इसके लिए अमूल डेयरी के महाप्रबंधक से बात की है। बहुत जल्दी ही इस बाबत कार्य शुरू होगा। सब्जियों को भी बाहर भेजने की तैयारी चल रही है। सांसद ने प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ाने के लिए स्कूलों के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती की पढ़ाई का अध्याय शामिल किए जाने के सरकार के निर्णय से पत्रकारों को अवगत कराया।