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मरम्मत के नाम पर नवनिर्माण करवाने का आरोप, जेसीबी से दुकान तोड़वाया

Sat, 11 Jan 2020 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 11:42 PM IST
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A part of the shop is under construction, protests
जिला अस्पताल के पास बने नव निर्माण दुकान के पास जेसीबी। - फोटो : BALLIA
बलिया। जिला अस्पताल गेट के बगल में नगर पालिका की जमीन पर स्थित एक दुकान पर चल रहे पक्के निर्माण को नगर पालिका परिषद ने शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। इसको लेकर गहमागहमी का माहौल हो गया। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रही। दुकान मालिक ने नगर पालिका प्रशासन पर पैसा नहीं देने पर बिना नोटिस दिए निर्माणाधीन दुकान तोड़ने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद चेयरमैन अजय कुमार और ईओ दिनेश कुमार का कहना है कि बिना अनुमति के निर्माण कराया जा रहा था जिसके चलते कार्रवाई की गई।
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अस्पताल गेट के बगल में स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर की पुरानी दुकान को तोड़ नया निर्माण कार्य चल रहा था। प्रथम तल बनने के बाद छत पर निर्माण कार्य के लिए कारीगर लगे थे। उसी दौरान चेयरमैन अजय कुमार और ईओ के नेतृत्व में पहुंचे और निर्माण कार्य को रोकने का निर्देश दिया। इसका विरोध करने पर जेसीबी मशीन से दुकान के अगला हिस्सा तोड़ दिया। चेयरमैन अजय कुमार ने बताया कि नगर को सुंदर बनाने का लक्ष्य है। यदि कोई भी नगर पालिका कीजमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण करता है। या कोई पक्का निर्माण करवाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही तय है। चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो। दुकानदार की ओर से नगरपालिका की ओर से आवंटित तीन दुकानों को बिना अनुमति के एक में मिलाने, पक्का सीढ़ी निर्माण और दूसरे तल का निर्माण किया जा रहा था। उधर, दुकानदार डॉ. प्रभाशंकर का कहना है कि नगर पालिका ने ही दुकान आवंटित की थी जिसकी छत से बारिश में पानी टपकता था। इसके निर्माण के लिए नगर पालिका से अनुमति ली गई थी। इस दौरान नगर पालिका के अधिकारियों ने कुछ पैसे की मांग की गई थी। नहीं देने पर मनमाने तरीके से अतिक्रमण का आरोप दुकान को शनिवार को तोड़ दिया।
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नगर पालिका के ईओ दिनेश विश्वकर्मा ने बताया कि दुकान की अनुमति की मरम्मत की अनुमति दी गई थी लेकिन दुकान का नवनिर्माण कराया जा रहा था। इसकी सूचना पर अभियान चला कर अवैध निर्माण तोड़ा गया। निर्माण कार्य रोकने के लिए कई बार कहा गया था और नोटिस भेजे गया था। इसके पूर्व भी नाली पर जनरेटर रख अतिक्रमण में कई बार जुर्माना कटा है। पैसे मांगने का आरोप बेबुनियाद है।
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