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नहाय-खाय संग सूर्योपासना का पर्व शुरू
Ballia
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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बलिया। सूर्योपासना का चार दिवसीय पर्व ‘डाला छठ’ नहाय-खाय के साथ शनिवार से आरंभ हो गया। व्रती लोगों ने लौकी-भात ग्रहण कर व्रत आरंभ किया। घरों में पर्व के लिए मिट्टी के नए चूल्हे बनाए गए हैं जिसपर पूजन के लिए सामान बनाया जाएगा।
बिहार से शुरू इस पर्व का असर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्राम्यांचलों में भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते अभी से तालाब और नदी तट गुलजार दिखने लगे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने वालों की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। इस पर्व पर शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। शनिवार को व्रती लोगों ने स्नान कर सूर्य देव की विधिवत पूजा अर्चना कर शाम को लौकी-भात ग्रहण किया। रविवार को दिन भर उपवास के बाद व्रती लोग सूर्य भगवान को खीर और पूड़ी का भोग लगा व्रत का पारण करेंगे। इसी प्रकार सोमवार को निर्जला रहकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य तथा मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दे व्रती प्रसाद ग्रहण कर पारण करेंगे। अर्घ्य देने के लिए व्रती घंटों तालाब और नदी में खड़े रहते हैं। इस पर्व में शकरकंद, अमरस, कन, आंवला, पानी फल, केला, अनार, गन्ना, सेव, संतरा, नारियल, नींबू, ठेकुआ, मूली, गाजर, हल्दी, शरीफा, अमरूद आदि प्रसाद के रूप में सूप में रखकर सूर्य देवता को चढ़ाया जाता है।
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बिहार से शुरू इस पर्व का असर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्राम्यांचलों में भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते अभी से तालाब और नदी तट गुलजार दिखने लगे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने वालों की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। इस पर्व पर शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। शनिवार को व्रती लोगों ने स्नान कर सूर्य देव की विधिवत पूजा अर्चना कर शाम को लौकी-भात ग्रहण किया। रविवार को दिन भर उपवास के बाद व्रती लोग सूर्य भगवान को खीर और पूड़ी का भोग लगा व्रत का पारण करेंगे। इसी प्रकार सोमवार को निर्जला रहकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य तथा मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दे व्रती प्रसाद ग्रहण कर पारण करेंगे। अर्घ्य देने के लिए व्रती घंटों तालाब और नदी में खड़े रहते हैं। इस पर्व में शकरकंद, अमरस, कन, आंवला, पानी फल, केला, अनार, गन्ना, सेव, संतरा, नारियल, नींबू, ठेकुआ, मूली, गाजर, हल्दी, शरीफा, अमरूद आदि प्रसाद के रूप में सूप में रखकर सूर्य देवता को चढ़ाया जाता है।
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