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भाई-बहन का त्योहार बाजार रहे गुलजार
Ballia
Updated Wed, 21 Aug 2013 05:34 AM IST
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बलिया। रक्षाबंधन के एक दिन पहले मंगलवार को बाजार दिन भर गुलजार रहे। बाजारों में सजी राखी की दुकानों में दिन भर खरीदारी होती रही। उधर मिठाइयों की दुकानें भी ग्राहकों से पटी रही।
मंगलवार को नगर समेत ग्रामीणांचलों में भी राखी एवं मिठाई की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ देखी गई। बाजार मेें इस वर्ष तरह-तरह की राखियां भी उपलब्ध है। सबसे ज्यादा बिक्री धागों से बनी राखियाें की हुई।
दुकानदार मुन्ना पटेल ने बताया कि पांच से 50 रुपये तक की राखियां बाजार में उपलब्ध हैं। फिर भी सबसे ज्यादा बिक्री धागोें से बनी राखी की हुई। विक्रेता कन्हैया गुप्ता ने बताया कि उनके यहां चाइनीज राखी भी उपलब्ध है। विक्रेता रामअवतार ने बताया कि नई डिजाइन की ढेरों राखियां उपलब्ध रहीं। फिर भी बहनों ने भाइयों की कलाई पर धागे वाली राखियों को बांधने में ही ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। मिठाई दुकानदार बाला जी ने बताया कि सबसे अधिक मोतीचूर, सोहन पापड़ी आदि की खरीदारी हुई। ज्योति मिष्ठान भंडार, भृगु मिष्ठान भंडार, विशाल मिष्ठान भंडार के संचालकों ने बताया कि खोवा एवं छेने से बनी मिठाइयों की बिक्री इस बार अपेक्षाकृत कम रही। बाजारोें में भीड़ बढ़ने से जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी। सड़क तक फैली मिठाई एवं राखी की दुकानों के चलते हालात और बदतर हो गए थे। चौक से रेलवे स्टेशन रोड तक लोगोें का पैदल चल पाना भी मुश्किल हो गया था।
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मंगलवार को नगर समेत ग्रामीणांचलों में भी राखी एवं मिठाई की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ देखी गई। बाजार मेें इस वर्ष तरह-तरह की राखियां भी उपलब्ध है। सबसे ज्यादा बिक्री धागों से बनी राखियाें की हुई।
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दुकानदार मुन्ना पटेल ने बताया कि पांच से 50 रुपये तक की राखियां बाजार में उपलब्ध हैं। फिर भी सबसे ज्यादा बिक्री धागोें से बनी राखी की हुई। विक्रेता कन्हैया गुप्ता ने बताया कि उनके यहां चाइनीज राखी भी उपलब्ध है। विक्रेता रामअवतार ने बताया कि नई डिजाइन की ढेरों राखियां उपलब्ध रहीं। फिर भी बहनों ने भाइयों की कलाई पर धागे वाली राखियों को बांधने में ही ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। मिठाई दुकानदार बाला जी ने बताया कि सबसे अधिक मोतीचूर, सोहन पापड़ी आदि की खरीदारी हुई। ज्योति मिष्ठान भंडार, भृगु मिष्ठान भंडार, विशाल मिष्ठान भंडार के संचालकों ने बताया कि खोवा एवं छेने से बनी मिठाइयों की बिक्री इस बार अपेक्षाकृत कम रही। बाजारोें में भीड़ बढ़ने से जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी। सड़क तक फैली मिठाई एवं राखी की दुकानों के चलते हालात और बदतर हो गए थे। चौक से रेलवे स्टेशन रोड तक लोगोें का पैदल चल पाना भी मुश्किल हो गया था।
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