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अक्तूबर तक 94 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होगा पूरा
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बलिया। स्वच्छ भारत मिशन अभियान को गति देने में विभाग जुट गया है। सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में काफी तेजी आई है। अबतक 602 गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा कराया जा चुका है। अधिकारियों की मानें तो अक्तूबर माह तक और 94 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। उधर, अबतक 516 सामुदायिक शौचालयों को संचालन के लिए महिला स्वयं समूहों को दिया गया है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को पिछले कई सालों में अलग-अलग समयों पर शौचालय निर्माण के लिए धनराशि आवंटित किया। इसके बावजूद बावजूद अधिकांश गांव में कोई न कोई शौचालय से वंचित रह गया। इसके बाद करीब 11 माह पहले भारत सरकार ने व्यक्तिगत शौचालय आवंटन के स्थान पर गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण का निर्देश दिया ताकि शौचालय की सुविधा से वंचित गांव के लोग इसका उपयोग कर सकें। सरकार की ओर से इसके निर्माण के लिए राज्य वित्त, केंद्र वित्त तथा मनरेगा से धनराशि निर्धारित कर दी। योजना के तहत कई गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू हुआ। जिले में कुल 818 सामुदायिक शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष अब तक कुल 602 गांवों में सामुदायिक शौचालय बन कर तैयार हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि अक्तूबर माह तक और 94 सामुदायिक शौचालय बन जाएंगे। इन गांवों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं।
122 गांवों में निर्माण अधर में
बलिया। जनपद के 122 गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य शुरु नहीं हो सका है। बताया जाता है कि इन गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत में जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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516 महिला स्वयं सहायता समूहों के जिम्मे सामुदायिक शौचालय
बलिया। शासन ने सामुदायिक शौचालयों के देखरेख की जिम्मेदारी गांव में गठित किसी महिला स्वयं सहायता समूह देने का निर्देश दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें हर महीने पारिश्रमिक ौ शौचालय की सफाई के लिए धनराशि भुगतान का भी प्रावधान किया है। अब तक बन कर तैयार 602 सामुदायिक शौचालयों के सापेक्ष 516 सामुदायिक शौचालयों को महिला स्वयं सहायता समूहों को संचालन के लिए दिया गया है।
जिले में 602 गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। कई गांवों में इसके संचालन के लिए महिला स्वयं सहायता समूह का चयन कर लिया गया है। जहां शेष है वहां भी चयन की कार्रवाई चल रही है, जल्द पूरा कर लिया जाएगा। - इसरार अहमद, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन
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जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को पिछले कई सालों में अलग-अलग समयों पर शौचालय निर्माण के लिए धनराशि आवंटित किया। इसके बावजूद बावजूद अधिकांश गांव में कोई न कोई शौचालय से वंचित रह गया। इसके बाद करीब 11 माह पहले भारत सरकार ने व्यक्तिगत शौचालय आवंटन के स्थान पर गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण का निर्देश दिया ताकि शौचालय की सुविधा से वंचित गांव के लोग इसका उपयोग कर सकें। सरकार की ओर से इसके निर्माण के लिए राज्य वित्त, केंद्र वित्त तथा मनरेगा से धनराशि निर्धारित कर दी। योजना के तहत कई गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू हुआ। जिले में कुल 818 सामुदायिक शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष अब तक कुल 602 गांवों में सामुदायिक शौचालय बन कर तैयार हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि अक्तूबर माह तक और 94 सामुदायिक शौचालय बन जाएंगे। इन गांवों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं।
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122 गांवों में निर्माण अधर में
बलिया। जनपद के 122 गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य शुरु नहीं हो सका है। बताया जाता है कि इन गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत में जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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516 महिला स्वयं सहायता समूहों के जिम्मे सामुदायिक शौचालय
बलिया। शासन ने सामुदायिक शौचालयों के देखरेख की जिम्मेदारी गांव में गठित किसी महिला स्वयं सहायता समूह देने का निर्देश दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें हर महीने पारिश्रमिक ौ शौचालय की सफाई के लिए धनराशि भुगतान का भी प्रावधान किया है। अब तक बन कर तैयार 602 सामुदायिक शौचालयों के सापेक्ष 516 सामुदायिक शौचालयों को महिला स्वयं सहायता समूहों को संचालन के लिए दिया गया है।
जिले में 602 गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। कई गांवों में इसके संचालन के लिए महिला स्वयं सहायता समूह का चयन कर लिया गया है। जहां शेष है वहां भी चयन की कार्रवाई चल रही है, जल्द पूरा कर लिया जाएगा। - इसरार अहमद, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन