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ददरी मेले में श्रृंगार के सामानों की ओर उमड़ रही भीड़
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:34 PM IST
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ददरी मेला के मीना बाजार में दिनों दिन भीड़ बढ़ती जा रही है। स्थिति है कि दिन के समय में ग्रामीण क्षेत्रों तथा शाम के वक्त शहरी मेलार्थियों के भीड़ से दुकानदारों के मायूस चेहरे खुशी से साफ झलक रही है। मेला में आए दुकानदार भी मान रहे है कि एक बार फिर उनके मन में मेले के प्रति चल रहा उठा-पटक समाप्त होने लगा है। महिलाओं की भीड़ जहां चूड़ी और श्रृंगार के सामानों की ओर उमड़ रही है। मेले में फिरोजाबाद की चूड़ी और बुलंदशहर के खजला का क्रेज अधिक है।
ददरी मेला का प्राचीन इतिहास रहा है। मुगल काल से लगने वाले मेले में बढ़ते भीड़ को देखकर कई प्रांतों के दुकानदार श्रृंगार, लकड़ी, बनावटी फूल, किचेन, चूड़ी आदि लेकर आते रहे है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन से ही ददरी मेला के मीना बाजार की शुरुआत हो गई। लेकिन जैसे-जैसे मेला का दिन बढ़ रहा है। वैसे-वैसे मेला के मीना बाजार की रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। हर रोज बढ़ रहे मेलार्थियों की भीड़ देख मायूस हो चुके दुकानदारों के चेहरे की रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। बुलंदशहर से खजला की दुकान लेकर आए रामूू का कहना है कि अब मेले में उत्साह दिखने लगा है, जबकि फिरोजाबाद से चूड़ी की दुकान लेकर आए पिंटू भाई बताते हैं कि मेले में पहले से अधिक भीड़ है। महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखकर चूड़ियां उपलब्ध हैं।
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ददरी मेला का प्राचीन इतिहास रहा है। मुगल काल से लगने वाले मेले में बढ़ते भीड़ को देखकर कई प्रांतों के दुकानदार श्रृंगार, लकड़ी, बनावटी फूल, किचेन, चूड़ी आदि लेकर आते रहे है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन से ही ददरी मेला के मीना बाजार की शुरुआत हो गई। लेकिन जैसे-जैसे मेला का दिन बढ़ रहा है। वैसे-वैसे मेला के मीना बाजार की रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। हर रोज बढ़ रहे मेलार्थियों की भीड़ देख मायूस हो चुके दुकानदारों के चेहरे की रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। बुलंदशहर से खजला की दुकान लेकर आए रामूू का कहना है कि अब मेले में उत्साह दिखने लगा है, जबकि फिरोजाबाद से चूड़ी की दुकान लेकर आए पिंटू भाई बताते हैं कि मेले में पहले से अधिक भीड़ है। महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखकर चूड़ियां उपलब्ध हैं।
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