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बीत गया एक जनवरी, एक भी स्कूलों में नहीं लगा ‘बायोमेट्रिक’

Sun, 03 Mar 2019 11:26 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 11:26 PM IST
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बीत गया एक जनवरी, एक भी स्कूलों में नहीं लगा ‘बायोमेट्रिक’
बलिया। नए साल में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार अब उनकी हाजिरी बायोमिट्रिक सिस्टम से लेनी की योजना बनाई थी। शिक्षा निदेशालय ने जिले के सभी स्कूल में विगत 25 दिसंबर तक बायोमेट्रिक मशीनों को दुरुस्त कर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। ताकि एक जनवरी 2019 से यह व्यवस्था लागू हो सके। विभाग ने सरकारी शिक्षकों की लेट लतीफी के चलते यह कदम उठाया था। लेकिन सरकार की यह कवायद जिले में बैठे बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चलते परवान नहीं चढ़ पा रही है। आलम यह है कि जो योजना पूर्णतया एक जनवरी से लागू होनी थी, वह अभी दस प्रतिशत स्कूलों में भी लागू नहीं हुआ।
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बायोमेट्रिक अटेंडेंस होने से शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचेंगे। पठन-पाठन में सुधार होगा। सभी विषयों की पढ़ाई होगी। जो शिक्षक लापरवाह थे, उन्हें अब विद्यालय में पढ़ाना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा निदेशालय ने उपरोक्त फरमान सुनाया था। गौरतलब हो कि जनपद में प्राइमरी तथा उच्च प्राइमरी स्कूलों की संख्या कुल 2669 है। प्राइमरी में शिक्षकों की संख्या 3300 है। वहीं, उच्च प्राइमरी में 2566 शिक्षक है। जबकि 2981 समायोजित शिक्षक व 547 अनुदेशक है।
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उपरोक्त 2669 स्कूलों में विगत 25 दिसंबर तक बायोमिट्रिक मशीनों को दुरुस्त कर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। ताकि पहली जनवरी से लागू हो सकें, लेकिन जनपद में अधिकारियों की उदासीनता का आलम यह है कि अभी तक दस प्रतिशत स्कूलों में भी बायोमेट्रिक नहीं लग सका। जबकि इस सबंध में बीएसए संतोष कुमार का कहना है कि इस संबंध में तकनीक का हवाला देते हुए अभी और समय मांगा गया है। नए सत्र से हर स्कूलों में बायोमेट्रिक लग जाएगी।
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बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया कि जनपद के स्कूलों में कहीं सेफ्टी तो कहीं तकनीकी खामियां है जो रिपोर्ट शासन को भेजने के उपरांत आगामी नए सत्र तक इस योजना को पूरा करने का टार्गेट बनाया गया है।
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