फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Convict in POCSO case sentenced 25 years in prison abducting minor fine 40000 also been imposed

यूपी: पॉक्सो मामले में दोषी को 25 साल की सजा, नाबालिग को भगाने का आरोप; दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी

Tue, 27 Oct 2026 12:46 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 27 Oct 2026 12:46 AM IST
सार

विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और संबंधित मामलों में दोषी अभिषेक चौहान को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर अलग-अलग मामलों में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

विज्ञापन
Convict in POCSO case sentenced 25 years in prison abducting minor fine 40000 also been imposed
दुष्कर्म के आरोपी को कठोर कारावास की सजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने दोषसिद्ध अभिषेक चौहान को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कोर्ट नंबर आठ, प्रथमकांत की अदालत ने दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अलग-अलग मामलों में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

विज्ञापन


अभियोजन के अनुसार, 18 नवंबर 2023 की रात वादी की 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा लिया गया था। इस मामले में वादी की तहरीर पर मनियर थाने में पिलुई गांव निवासी अभिषेक चौहान के खिलाफ वर्ष 2023 में पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया और सजा सुनाई।

विज्ञापन
Trending Videos

तीन मामलों में अलग-अलग सजा
अदालत ने पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। नाबालिग को भगाने के मामले में पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, विवाह के उद्देश्य से अपहरण के मामले में सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। इस मामले में अर्थदंड नहीं देने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के फैसले के अनुसार, तीनों मामलों में अलग-अलग सजा और अर्थदंड निर्धारित किए गए हैं। दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed