यूपी: पॉक्सो मामले में दोषी को 25 साल की सजा, नाबालिग को भगाने का आरोप; दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी
विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और संबंधित मामलों में दोषी अभिषेक चौहान को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर अलग-अलग मामलों में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने दोषसिद्ध अभिषेक चौहान को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कोर्ट नंबर आठ, प्रथमकांत की अदालत ने दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अलग-अलग मामलों में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 18 नवंबर 2023 की रात वादी की 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा लिया गया था। इस मामले में वादी की तहरीर पर मनियर थाने में पिलुई गांव निवासी अभिषेक चौहान के खिलाफ वर्ष 2023 में पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया और सजा सुनाई।
तीन मामलों में अलग-अलग सजा
अदालत ने पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। नाबालिग को भगाने के मामले में पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, विवाह के उद्देश्य से अपहरण के मामले में सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। इस मामले में अर्थदंड नहीं देने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के फैसले के अनुसार, तीनों मामलों में अलग-अलग सजा और अर्थदंड निर्धारित किए गए हैं। दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।