{"_id":"5c5f170fbdec224e1b7f6842","slug":"21549735695-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटहल नाले के जल शोधन कार्य का डीएम ने लिया जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटहल नाले के जल शोधन कार्य का डीएम ने लिया जायजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। कटहल नाले का गंदा पानी गंगा में न जाए। इसके लिए बायोरेमिडिएशन विधि से टीटमेंट का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने जल निगम के एक्सईएन कायम हुसैन के साथ शनिवार को इस कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य करने वाली कंपनी के कर्मचारी से पूरे प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली। कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार कार्य नहीं हुआ तो पेमेंट रोक दिया जाएगा।
उन्होंने बहेरी के पास कटहल नाले के किनारे जाकर वैक्टिरिया को खत्म करने के लिए हो रहे डोजिंग कार्य का जायजा लिया। उन्होंने इससे जुड़े सवाल भी किए। मौके पर जल निगम के अधिशासी अभियंता कायम हुसैन ने बताया कि बहेरी में गिरे कटहल नाला पुल का मलबा हटाया जाना आवश्यक है। कारण कि उससे पूरी गंदगी वहां जमा हो गयी है। जिलाधिकारी ने तत्काल मलबा हटवाने का निर्देश दिया।
कटहल नाले के किनारे चार जगहों पर एंटी ऑक्सीजन बैक्टिरिया छोड़ कर कटहल नाले के गंदे पानी का शोधन करने का प्रयास हो रहा है। दो ड्रम में बॉयोलॉजिकल कम्पाउंड में पर्सनिक्रिटी 713 केमिकल का पानी के साथ मिश्रण कर डोजिंग के सहारे कटहल नाले में डाला जा रहा है। इससे कटहल नाले के जल की बीओडी (बॉयो ऑक्सीजन डिमांड) और सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) को कंट्रोल किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बहेरी के पास कटहल नाले के किनारे जाकर वैक्टिरिया को खत्म करने के लिए हो रहे डोजिंग कार्य का जायजा लिया। उन्होंने इससे जुड़े सवाल भी किए। मौके पर जल निगम के अधिशासी अभियंता कायम हुसैन ने बताया कि बहेरी में गिरे कटहल नाला पुल का मलबा हटाया जाना आवश्यक है। कारण कि उससे पूरी गंदगी वहां जमा हो गयी है। जिलाधिकारी ने तत्काल मलबा हटवाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
कटहल नाले के किनारे चार जगहों पर एंटी ऑक्सीजन बैक्टिरिया छोड़ कर कटहल नाले के गंदे पानी का शोधन करने का प्रयास हो रहा है। दो ड्रम में बॉयोलॉजिकल कम्पाउंड में पर्सनिक्रिटी 713 केमिकल का पानी के साथ मिश्रण कर डोजिंग के सहारे कटहल नाले में डाला जा रहा है। इससे कटहल नाले के जल की बीओडी (बॉयो ऑक्सीजन डिमांड) और सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) को कंट्रोल किया जा रहा है।
विज्ञापन