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Ballia News: आईएसटीपी चोरी के मामले में 16 ट्रक सीज, 8.50 लाख का जुर्माना वसूला
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भरौली गोलंबर स्थित ट्रक के नंबर प्लेट पर लगे कालिख को दिखाता युवक। संवाद
- फोटो : Samvad
बलिया। यूपी-बिहार सीमा पर स्थित भरौली गोलंबर पर खनन विभाग ने मंगलवार को जांच की । अवैध रूप से उपखनिजों का परिवहन कर रहे 16 ट्रकों को पकड़कर सीज कर दिया। 8.50 लाख का जुर्माना वसूला।
ट्रकों के चालकों की ओर से इंटीग्रेटेड स्टेट टैक्स परमिट (आईएसटीपी) के वैध प्रपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सके। वहीं, कई वाहनों के नंबर प्लेट पर कालिख पोती गई थी या उन्हें ढका गया था, जिससे पहचान छिपाई जा सके। जिला खनन अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि बिहार से लाल बालू लेकर आने वाले कई ट्रक आईएसटीपी शुल्क जमा किए बिना ही प्रदेश में प्रवेश कर जाते हैं। इसके लिए वाहन चालक नंबर प्लेट छिपाने या उन पर कालिख पोतने जैसी तरकीब अपनाते हैं, जिससे राज्य सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है।
उन्होंने बताया कि विशेष जांच अभियान के दौरान यह पाया गया कि कुछ वाहन फर्जी अथवा बिना वैध आईएसटीपी प्रपत्रों के उपखनिजों का परिवहन कर रहे थे, जिससे राजस्व की चोरी हो रही थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी 16 ट्रकों को तत्काल प्रभाव से सीज कर चालान किया गया। प्रदेश उपखनिज नियमावली के तहत संबंधित वाहन स्वामियों पर करीब 8.50 लाख का अर्थदंड एवं शमन शुल्क लगाया गया, जिसकी मौके पर ही वसूली भी कर ली गई।
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ट्रकों के चालकों की ओर से इंटीग्रेटेड स्टेट टैक्स परमिट (आईएसटीपी) के वैध प्रपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सके। वहीं, कई वाहनों के नंबर प्लेट पर कालिख पोती गई थी या उन्हें ढका गया था, जिससे पहचान छिपाई जा सके। जिला खनन अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि बिहार से लाल बालू लेकर आने वाले कई ट्रक आईएसटीपी शुल्क जमा किए बिना ही प्रदेश में प्रवेश कर जाते हैं। इसके लिए वाहन चालक नंबर प्लेट छिपाने या उन पर कालिख पोतने जैसी तरकीब अपनाते हैं, जिससे राज्य सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है।
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उन्होंने बताया कि विशेष जांच अभियान के दौरान यह पाया गया कि कुछ वाहन फर्जी अथवा बिना वैध आईएसटीपी प्रपत्रों के उपखनिजों का परिवहन कर रहे थे, जिससे राजस्व की चोरी हो रही थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी 16 ट्रकों को तत्काल प्रभाव से सीज कर चालान किया गया। प्रदेश उपखनिज नियमावली के तहत संबंधित वाहन स्वामियों पर करीब 8.50 लाख का अर्थदंड एवं शमन शुल्क लगाया गया, जिसकी मौके पर ही वसूली भी कर ली गई।
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