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नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में तैयारी अंतिम दौर में
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:49 AM IST
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बलिया। नवरात्र के मद्देनजर देवी मंदिरों में साफ-सफाई का काम जोरों पर चल रहा है। देवी मंदिरों में रंग-रोगन का कार्य भी चल रहा है। मंदिरों को प्राकृतिक व अप्राकृतिक फूलों से साज-सज्जा कमेटी के सदस्यों द्वारा की जा रही है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए मंदिर के पट चार बजे भोर से ही खोल दिए जाएंगे। वहीं देवी गीत बजाने के लिए ध्वनि यंत्र भी लगाए जा रहे हैं। नवरात्र नजदीक आते ही देवी भक्तों ने पंडाल के निर्माण में तेजी लाना शुरू कर दिया है। पंडाल की तैयारी करने के लिए कोलकाता के अलावा जिले के कारीगर रात-दिन लगे हुए हैं।
जिले के नवरात्र को लेकर उत्साह अभी से दिखने लगा है। देवी मंदिरों की साफ सफाई से लेकर रंग रोगन तक का कार्य जोरों पर चल रहा है। सभी मंदिरों में शारदीय नवरात्र व बासंतिक नवरात्र में मां के भक्तों की भीड़ अधिक लगती है। जिसमें शहर कोतवाली के दुर्गा मंदिर गुदरी बाजार व जापलिनगंज, नरहीं थाने के मंगला भवानी, सुखपुरा के ब्राह्मणी मंदिर, बांसडीहरोड के शांकरी भवानी, रसड़ा के काली मंदिर, नीबू कबीरपुर व चंडी देवी मंदिर, सिकंदरपुर के जल्पा-कल्पा मंदिर, मनियर के बुढ़ऊ बाबा मंदिर व नवका बाबा मंदिर, रेवती के पचरूखा देवी गायघाट मंदिर है। मंदिर के आसपास नारियल, चुनरी, प्रसाद व खेल-खिलौने सहित चाट-पकौड़े की दुकानें सज रही हैं।
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जिले के नवरात्र को लेकर उत्साह अभी से दिखने लगा है। देवी मंदिरों की साफ सफाई से लेकर रंग रोगन तक का कार्य जोरों पर चल रहा है। सभी मंदिरों में शारदीय नवरात्र व बासंतिक नवरात्र में मां के भक्तों की भीड़ अधिक लगती है। जिसमें शहर कोतवाली के दुर्गा मंदिर गुदरी बाजार व जापलिनगंज, नरहीं थाने के मंगला भवानी, सुखपुरा के ब्राह्मणी मंदिर, बांसडीहरोड के शांकरी भवानी, रसड़ा के काली मंदिर, नीबू कबीरपुर व चंडी देवी मंदिर, सिकंदरपुर के जल्पा-कल्पा मंदिर, मनियर के बुढ़ऊ बाबा मंदिर व नवका बाबा मंदिर, रेवती के पचरूखा देवी गायघाट मंदिर है। मंदिर के आसपास नारियल, चुनरी, प्रसाद व खेल-खिलौने सहित चाट-पकौड़े की दुकानें सज रही हैं।
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