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Bahraich News: कागजों में कराया काम और जेब में रखी रकम, अब होगी रिकवरी

Sun, 18 Jun 2023 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sun, 18 Jun 2023 11:10 PM IST
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Work done in papers and money kept in pocket, now recovery will happen
बहराइच। ग्रामीण विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओ में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं इसका उदाहरण नवाबगंज विकासखंड में मनरेगा लोकपाल द्वारा की गई जांच में देखने को मिलता है। यहां जिम्मेदारों ने 15 साल पुरानी नाली को अभिलेखों में नया दिखा कर उसके एवज में पैसे निकाल लिए। यही नहीं भ्रष्टाचारियों ने सिर्फ अभिलेखों में लाखों रुपए का नाली निर्माण दिखा कर पैसों का गबन कर लिया। इस पर सख्ती दिखाते हुए मनरेगा लोकपाल ने सभी से समानुमात में सरकारी धन की रिकवरी व विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है।
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नवाबगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरिया निवासी साकेत कुमार पटेल, कुलदीप वर्मा, सुखीराम वर्मा आदि ने मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी को शिकायती पत्र देकर उनकी पंचायत में लाखों के घोटाले का आरोप लगाया था। लोकपाल उमेश तिवारी ने डीसी मनरेगा केडी गोस्वामी के साथ स्थलीय जांच की। जांच में 10.85 लाख रुपए का फर्जी भुगतान सामने आया है।
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लोकपाल मनरेगा उमेश तिवारी ने बताया कि जांच में पूर्व प्रधान पुष्पा वर्मा, सचिव शत्रोहन लाल व तत्कालीन तकनीकी सहायक फिरोज अहमद कूट रचित दस्तावेजों द्वारा सरकारी धन के गबन करने के दोषी पाए गए हैं। सभी से गबन किए गए 10.85 लाख रुपयों को समानुपात में रिकवरी करने का आदेश दिया गया है। साथ ही इस भ्रष्टाचार में उनका सहयोग करने वाले अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विकास राव व तत्कालीन मनरेगा पटल सहायक के विरुद्ध मनरेगा अधिनियम के तहत विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है।
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स्थलीय जांच में सामने आई हकीकत
मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से 11 बिंदुओं का शिकायती पत्र दिया गया था और सभी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। स्थलीय जांच में ग्रामीण जवाहर के घर से रामदीन के घर तक 2020-21 में दर्शाया गया नाली निर्माण 15 साल पुराना मिला। मौके पर तत्कालीन निर्माण के कोई साक्ष्य नहीं मिले।
जबकि निर्माण के नाम पर 3, 73, 783 लाख का भुगतान किया गया है। वहीं नव्वा गांव तक दर्शाए गए खड़ंजा निर्माण में भी अनियमितता मिली है। प्रपत्रों में 2019-20 में करवाए गए खड़ंजा निर्माण के नाम पर 3, 28, 290 लाख रुपए और फिर इसी कार्य का नाम बदल कर 2020-21 में 3, 67, 220 लाख रुपए निकाले गए हैं।

गांव में बनी डामर रोड से तालाब तक नाली निर्माण कार्य के नाम पर साल 2018-19 में 3, 44, 153 लाख रुपए निकाले गए हैं, जबकि जांच में मौके पर कोई नाली निर्माण नहीं मिला है। यही नहीं सीआई बोर्ड लगाने के नाम पर 36, 000 रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है।
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