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Bahraich News: कतर्नियाघाट में तेंदुए के दो शावकों की मौत

Mon, 16 Feb 2026 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Mon, 16 Feb 2026 01:20 AM IST
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Two leopard cubs died in Katarniaghat
कतर्नियाघाट के मनगौड़िया गांव में मृत मिला तेंदुए का शावक।      - स्रोत : वन विभाग
मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के मोतीपुर रेंज स्थित मनगौढिया गांव के पास रविवार सुबह तेंदुए के दो शावकों के शव देखे गए। दोनों शव एक-दूसरे से करीब 20 मीटर की दूरी पर खेत में पड़े मिले। पास ही आम के पेड़ पर गहरे पंजों से खरोंच के ताजा निशान भी पाए गए हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार रविवार सुबह जब लोग खेत की ओर गए, तो पेड़ के नीचे एक शावक का शव पड़ा मिला। कुछ ही दूरी पर दूसरा शव दिखाई दिया। खेत की स्थिति और पेड़ पर पंजों से खरोंच के निशान देख गांव में दहशत का माहौल बन गया।
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वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्रीय वनाधिकारी एसके तिवारी के नेतृत्व में अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पशु चिकित्सकों को बुलाया। जांच के बाद दोनों शावकों के शव मोतीपुर रेंज कार्यालय ले जाए गए, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
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प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मृत शावकों की उम्र लगभग सात से आठ माह के बीच है, जिनमें एक नर और एक मादा है। घटनास्थल पर वयस्क तेंदुए के पगचिह्न भी पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि आपसी वर्चस्व की लड़ाई या किसी बड़े नर तेंदुए के हमले में शावकों की मौत हुई हो।

डीएफओ ने कहा कि कुछ परिस्थितियों में वयस्क नर तेंदुआ शावकों पर हमला कर सकता है। हालांकि, हर मामले में ऐसा होना जरूरी नहीं है। वास्तविक कारण घटनास्थल की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि मौत कैसे हुई।


डीएफओ ने कहा कि दो शावकों की एक साथ मौत होने के कारण अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से खेतों व जंगल के किनारे सतर्क रहने तथा संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की गई है।

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घटनास्थल से जंगल की दूरी चार किमी
जहां शावकों के शव मिले हैं, वहां से जंगल की दूरी करीब चार किमी बताई जा रही है। ऐसे में शावक खेत तक कैसे पहुंचे, यह भी जांच का विषय है। डीएफओ के अनुसार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि शावक अपनी मां के साथ थे या भटककर आबादी क्षेत्र में पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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क्या नर तेंदुआ शावकों को मार देता है...

- वर्चस्व स्थापित करना : यदि कोई नया नर तेंदुआ किसी क्षेत्र पर कब्जा करता है, तो वह पहले से मौजूद शावकों को खत्म कर सकता है, ताकि वह उस क्षेत्र का एकमात्र प्रभुत्वशाली नर बन सके।


- प्रजनन चक्र : मादा तेंदुआ शावकों की देखभाल के दौरान प्रजनन नहीं करती। शावकों के न रहने पर मादा जल्दी गर्भधारण के लिए तैयार हो जाती है, जिससे नर को अपनी वंश वृद्धि का अवसर मिलता है।

-क्षेत्रीय संघर्ष : कई बार भोजन या क्षेत्र को लेकर हुए संघर्ष में भी शावक मारे जाते हैं।
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