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आस्था, विश्वास और परंपरा की दिखी त्रिवेणी
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बहराइच के बेरिया मंदिर परिसर स्थित तालाब के तट पर छठ पूजा पर उमड़ी भीड़।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। सिर पर दउरा लेकर घाटों पर जाते लोग, सोलह शृंगार में सजकर मौसमी फलों से भरा सूप सिर पर उठाए घाट की ओर जातीं व्रती महिलाएं। दीपों और गन्नों की ढेरियों से सुसज्जित सुशुभिताएं। हर लीं बलैंया... जैसे गीत गाती महिलाएं। पटाखे जलाते बच्चे, ढोल के बीच छठ मइया के जयकारों से गूंजते गीत। कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार को जिले के हर घाटों पर दिखा। घाटों पर आस्था, विश्वास व त्रिवेणी बह उठी। पूजन-अर्चन के दौरान नजारा अलौकिक रहा।
जिले में सूर्य उपासना का महापर्व छठ की छटा घाटों पर बिखरती रही। हर ओर छठ मइया के गीतों की गूंज रही। महिलाओं ने छठ माता को गन्ना, फल, फूल व मिष्ठान अर्पित कर पुत्रों की लंबी आयु की कामना की। कठिन निर्जला व्रत के बावजूद महिलाओं के चेहरों पर उत्साह दिखा। सजी वेदी पर दीपक जलाकर महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया। आसमान में सूरज की घटती रोशनी व घाटों पर जलते दीपक की लौ से निकली रोशनी अपनी एक अलग छटा बिखेर रही थी। शहर के झिंगहाघाट, बेरिया मंदिर व मरीमाता मंदिर के घाटों पर आसमान में पश्चिम दिशा में छाई लालिमा के बीच डूबते सूरज को हाथों में सुपली लेकर व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया। बृहस्पतिवार को भोर में ही महिलाएं फिर घाटों पर पहुंचकर पूजन-अर्चन करेंगी। उसके बाद घाटों के पानी में उतरकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे के निर्जल व्रत का पारण करेंगी। घाटों व घरों पर महिलाएं प्रसाद का वितरण भी करेंगी।
ग्रामीण अंचलों में रही छ
ठ पूजा की धूम
पूर्वांचल का बड़ा त्योहार माना जाने वाले पर्व की धूम शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में रही। नानपारा में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों ने प्रस्तुत किया। जरवलरोड में एसडीएम महेश कैथल व जरवलरोड थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने निरीक्षण किया। रिसिया में घाटों पर रिसिया थानाध्यक्ष रमाशंकर यादव दलबल के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा कैसरगंज, विशेश्वरगंज, पयागपुर, मिहीपुरवा, गायघाट, बिछिया, सुजौली, खैरीघाट समेत अन्य जगहों पर छठ मइया की पूजा की गई।
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ड्रोन से होती रही निगरानी
छठ पर्व को लेकर घाटों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रही। पुल से लेकर घाट तक जिला व पुलिस प्रशासन के लोग मुस्तैद रहे। घाटों पर एंटी रोमियो की टीम मौजूद रही। अराजक तत्वों पर भी विशेष नजर बनी रही। जागरूकता को लेकर अलाउंसमेंट होता रहा। बृहस्पतिवार को भी पूजा के दौरान टीम मुस्तैद रहेगी।-ज्योति राय, सिटी मजिस्ट्रेट
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जिले में सूर्य उपासना का महापर्व छठ की छटा घाटों पर बिखरती रही। हर ओर छठ मइया के गीतों की गूंज रही। महिलाओं ने छठ माता को गन्ना, फल, फूल व मिष्ठान अर्पित कर पुत्रों की लंबी आयु की कामना की। कठिन निर्जला व्रत के बावजूद महिलाओं के चेहरों पर उत्साह दिखा। सजी वेदी पर दीपक जलाकर महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया। आसमान में सूरज की घटती रोशनी व घाटों पर जलते दीपक की लौ से निकली रोशनी अपनी एक अलग छटा बिखेर रही थी। शहर के झिंगहाघाट, बेरिया मंदिर व मरीमाता मंदिर के घाटों पर आसमान में पश्चिम दिशा में छाई लालिमा के बीच डूबते सूरज को हाथों में सुपली लेकर व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया। बृहस्पतिवार को भोर में ही महिलाएं फिर घाटों पर पहुंचकर पूजन-अर्चन करेंगी। उसके बाद घाटों के पानी में उतरकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे के निर्जल व्रत का पारण करेंगी। घाटों व घरों पर महिलाएं प्रसाद का वितरण भी करेंगी।
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ग्रामीण अंचलों में रही छ
ठ पूजा की धूम
पूर्वांचल का बड़ा त्योहार माना जाने वाले पर्व की धूम शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में रही। नानपारा में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों ने प्रस्तुत किया। जरवलरोड में एसडीएम महेश कैथल व जरवलरोड थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने निरीक्षण किया। रिसिया में घाटों पर रिसिया थानाध्यक्ष रमाशंकर यादव दलबल के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा कैसरगंज, विशेश्वरगंज, पयागपुर, मिहीपुरवा, गायघाट, बिछिया, सुजौली, खैरीघाट समेत अन्य जगहों पर छठ मइया की पूजा की गई।
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ड्रोन से होती रही निगरानी
छठ पर्व को लेकर घाटों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रही। पुल से लेकर घाट तक जिला व पुलिस प्रशासन के लोग मुस्तैद रहे। घाटों पर एंटी रोमियो की टीम मौजूद रही। अराजक तत्वों पर भी विशेष नजर बनी रही। जागरूकता को लेकर अलाउंसमेंट होता रहा। बृहस्पतिवार को भी पूजा के दौरान टीम मुस्तैद रहेगी।-ज्योति राय, सिटी मजिस्ट्रेट