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Bahraich News: पर्यटक आज से कर सकेंगे कतर्नियाघाट की सैर
Tue, 14 Nov 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 14 Nov 2023 11:55 PM IST
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मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र की शुरुआत 15 नवंबर से हो रही है। इस बार टिकट की कीमत कम होने से पर्यटकों के बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटकों की आमद को देखते हुए तीन सफारी वाहन बढ़ाए गए हैं। इससे यहां वाहनों की संख्या 16 हो जाएगी। नए सत्र के शुभारंभ मौके पर सांसद अक्षयवर लाल गोंड व विधायक बलहा सरोज सोनकर को मुख्य अतिथि बनाया गया है।
कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को खूब रास आती है। पूरे भारत केसाथ काफी संख्या में विदेशी पर्यटक कतर्नियाघाट का दीदार करने आते हैं। भारत- नेपाल सीमा से सटे 551 वर्ग किलोमीटर के जंगल में विभिन्न तरह के जंगली जानवर बाघ, हाथी, तेंदुआ, चीता, हिरन, बारासिंघा, पाडा, साइबेरियन पक्षी तथा गेरुहा नदी में अटखेलियां करती डालफिन, मगरमच्छ, घड़ियाल के साथ यहां के जंगल में शंख पुष्पी जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां पायी जाती हैं।
ऑनलाइन बुकिंग से थारु हट, ट्री हट, गेस्ट हाउस, जंगल घूमने के लिए सफारी गाड़ी तथा गेरुहा नदी में बोटिंग के लिए मोटर बोट बुक की जा सकती है।
मोतीपुर से कतर्नियाघाट तक सफारी की नई सेवा शुरू
कतर्नियाघाट घूमने आने वाले पर्यटकों को बहराइच से कतर्नियाघाट तक 110 किलोमीटर जाने के लिए प्राइवेट बस या निजी वाहन ही एक मात्र सहारा थे। इससे पर्यटकों को असुविधा होती थी। वन निगम ने नई पहल करते हुए मोतीपुर से कतर्नियाघाट यानी 50 किलोमीटर तक पर्यटकों को ले जाने के लिए तीन गाड़ियां लगाई है। इससे कतर्नियाघाट आने वाले सैलानियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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वन निगम के प्रबंधक अक्षत सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने पहले वाहनों की सेवा की शुरुआत की जा रही है। कतर्नियाघाट में टैक्सी सेवा शुरू होने से पर्यटकों को आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी।
पांच साल तक बच्चों का प्रवेश निशुल्कपांच साल से कम उम्र के स्कूली बच्चों का इस बार कतर्नियाघाट में प्रवेश शुल्क निशुल्क रहेगा। वयस्कों के रेट भी आधे कर दिए गए हैं। पहले प्रति व्यक्ति 300 रुपये लिया जाता था, अब सिर्फ 150 रुपये लिया जाएगा। सफारी का शुल्क 2000 रुपये था, उसकी जगह उसे 500 रुपये कर दिया गया है। नौकायन प्रति घंटा प्रति व्यक्ति 250 रुपये के स्थान पर 100 रुपये कर दिया गया है।
पिछले साल घट गए थे पर्यटक
रेट कम करने के सभी निर्णय कुछ दिन पहले दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन की गवर्निंग बाडी की बैठक में लिए गए हैं। इस बैठक में पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी सुविधा के लिए जंगल के करीब होटल खोलने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने का भी निर्णय लिया गया। जंगल में पड़ने वाले रास्तों को भी दुरुस्त कराने पर सभी की सहमति बनी।
वन विभाग की माने तो वर्ष 2022 तक कतर्नियाघाट में पर्यटकों की संख्या लगभग 25 हजार प्रति वर्ष थी, लेकिन रेट बढ़ने से बीते सत्र में यह संख्या सिर्फ 12 हजार रह गई। लिहाजा अब यह रेट वर्ष 2010 के रेट के बराबर हो गए हैं, जिससे पर्यटकों को काफी आसानी होगी।
ठहरने का उचित इंतजामयहां पर पर्यटकों को थारू संस्कृति देखने के साथ व्यंजन चखने का भी मौका मिलेगा। इसके साथ ही वन विभाग के कतर्नियाघाट, निशानगाड़ा, मुर्तिहा, ककरहा, मोतीपुर रेंज में बने वन विश्राम गृह, डारमेट्री, स्विस काटेज समेत कई निजी गेस्ट हाउस भी बनकर तैयार हो गए है। वन विश्राम गृह की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा कतर्नियाघाट इको टूरिज्म की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए पर्यटकों को यूपी इको टूरिज्म डॉट इन पर लॉगइन करना होगा।
वर्जन-पर्यटकों के लिए बेहतर इंतजाम
कतर्नियाघाट में 15 नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। इस बार रेट कम होने से पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है। सफारी वाहन भी बढ़ाए गए हैं। पर्यटकों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
- टी रंगाराजू, प्रभारी डीएफओ
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कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को खूब रास आती है। पूरे भारत केसाथ काफी संख्या में विदेशी पर्यटक कतर्नियाघाट का दीदार करने आते हैं। भारत- नेपाल सीमा से सटे 551 वर्ग किलोमीटर के जंगल में विभिन्न तरह के जंगली जानवर बाघ, हाथी, तेंदुआ, चीता, हिरन, बारासिंघा, पाडा, साइबेरियन पक्षी तथा गेरुहा नदी में अटखेलियां करती डालफिन, मगरमच्छ, घड़ियाल के साथ यहां के जंगल में शंख पुष्पी जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां पायी जाती हैं।
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ऑनलाइन बुकिंग से थारु हट, ट्री हट, गेस्ट हाउस, जंगल घूमने के लिए सफारी गाड़ी तथा गेरुहा नदी में बोटिंग के लिए मोटर बोट बुक की जा सकती है।
मोतीपुर से कतर्नियाघाट तक सफारी की नई सेवा शुरू
कतर्नियाघाट घूमने आने वाले पर्यटकों को बहराइच से कतर्नियाघाट तक 110 किलोमीटर जाने के लिए प्राइवेट बस या निजी वाहन ही एक मात्र सहारा थे। इससे पर्यटकों को असुविधा होती थी। वन निगम ने नई पहल करते हुए मोतीपुर से कतर्नियाघाट यानी 50 किलोमीटर तक पर्यटकों को ले जाने के लिए तीन गाड़ियां लगाई है। इससे कतर्नियाघाट आने वाले सैलानियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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वन निगम के प्रबंधक अक्षत सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने पहले वाहनों की सेवा की शुरुआत की जा रही है। कतर्नियाघाट में टैक्सी सेवा शुरू होने से पर्यटकों को आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी।
पांच साल तक बच्चों का प्रवेश निशुल्कपांच साल से कम उम्र के स्कूली बच्चों का इस बार कतर्नियाघाट में प्रवेश शुल्क निशुल्क रहेगा। वयस्कों के रेट भी आधे कर दिए गए हैं। पहले प्रति व्यक्ति 300 रुपये लिया जाता था, अब सिर्फ 150 रुपये लिया जाएगा। सफारी का शुल्क 2000 रुपये था, उसकी जगह उसे 500 रुपये कर दिया गया है। नौकायन प्रति घंटा प्रति व्यक्ति 250 रुपये के स्थान पर 100 रुपये कर दिया गया है।
पिछले साल घट गए थे पर्यटक
रेट कम करने के सभी निर्णय कुछ दिन पहले दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन की गवर्निंग बाडी की बैठक में लिए गए हैं। इस बैठक में पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी सुविधा के लिए जंगल के करीब होटल खोलने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने का भी निर्णय लिया गया। जंगल में पड़ने वाले रास्तों को भी दुरुस्त कराने पर सभी की सहमति बनी।
वन विभाग की माने तो वर्ष 2022 तक कतर्नियाघाट में पर्यटकों की संख्या लगभग 25 हजार प्रति वर्ष थी, लेकिन रेट बढ़ने से बीते सत्र में यह संख्या सिर्फ 12 हजार रह गई। लिहाजा अब यह रेट वर्ष 2010 के रेट के बराबर हो गए हैं, जिससे पर्यटकों को काफी आसानी होगी।
ठहरने का उचित इंतजामयहां पर पर्यटकों को थारू संस्कृति देखने के साथ व्यंजन चखने का भी मौका मिलेगा। इसके साथ ही वन विभाग के कतर्नियाघाट, निशानगाड़ा, मुर्तिहा, ककरहा, मोतीपुर रेंज में बने वन विश्राम गृह, डारमेट्री, स्विस काटेज समेत कई निजी गेस्ट हाउस भी बनकर तैयार हो गए है। वन विश्राम गृह की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा कतर्नियाघाट इको टूरिज्म की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए पर्यटकों को यूपी इको टूरिज्म डॉट इन पर लॉगइन करना होगा।
वर्जन-पर्यटकों के लिए बेहतर इंतजाम
कतर्नियाघाट में 15 नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। इस बार रेट कम होने से पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है। सफारी वाहन भी बढ़ाए गए हैं। पर्यटकों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
- टी रंगाराजू, प्रभारी डीएफओ