फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   The river has taken away the land, there is no place to build a house.

Bahraich News: नदी लील गई जमीन, आशियाना बनाने का भी ठिकाना नहीं

Wed, 17 Jul 2024 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Wed, 17 Jul 2024 01:20 AM IST
विज्ञापन
The river has taken away the land, there is no place to build a house.
खैरीघाट के अंबरपुर पसियनपुरवा में कटान में समाहित होते ग्रामीणों के मकान। 
शिवपुर (बहराइच)। विकासखंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों में सरयू की बाढ़ का पानी घुसा था और जमकर तबाही मचाई थी। पसियनपुरवा गांव में लगभग दो दर्जन से अधिक घरों को नदी ने समाहित कर गृह स्वामियों को बेघर कर दिया। जिसके बाद प्रशासन की ओर से मदद राशि देकर उनके जख्मों पर मरहम लगाया गया, लेकिन कुछ ग्रामीणों के लिए यह मरहम नाकाफी साबित हो रहा है। कटान पीड़ितों के पास इतनी भी जमीन नहीं बची है कि प्रशासन द्वारा दिए गए मुआवजे से वह नया आशियाना बना सकें।
विज्ञापन


खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अंबरपुर के मजरा पसियनपुरवा के कटान पीड़ितों का दर्द खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सरयू नदी ने जहां गांव निवासी मंसारम, अनंतराम, रामसूरत, चन्द्रसेन, सीताराम, हरिप्रसाद, ढोंढे आदि के घरों को काट कर उन्हें खुले आसमान के नीचे कर दिया है। वहीं, कई ऐसे भी कटान पीड़ित हैं जिनके पास नया आशियाना बनाने के लिए थोड़ी सी भी जमीन नहीं बची है। प्रशासन की ओर से 1.2 लाख रुपये सहायता राशि मिलने के बाद भी ये लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन

कटान पीड़ित गोविंदराम ने बताया कि सरयू ने उनकी जमीन व घर दोनों को लील लिया और अब उनके पास इतनी भी जमीन नहीं बची है कि वह अपना नया घर बना सकें। वह मदद की आस में खुले आसमान में जी रहे हैं। वहीं, सुनीता ने भी कुछ यही दर्द बयां किया। सुनीता के पास भी घर बनाने के लिए जमीन नहीं बची। वहीं, पीड़ित ढोंढे ने बताया कि कटान के साथ गांव के रास्ते भी खस्ताहाल हो गए हैं। जिससे बाढ़ के दौरान कटान पीड़ित दूसरी जगह जाने में भी असमर्थ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



मुसीबत में कोटेदार दे रहा कम राशन

कटान पीड़ितों से बातचीत के दौरान ग्रामीण मंसाराम ने आरोप लगाते हुए बताया कि जहां उन सब पर कुदरत का कहर बरपा है, वहीं, जिम्मेदार भी उनकी मुसीबतें बढ़ाने से नहीं चूक रहे। मंसाराम ने आरोप लगाया कि कोटेदार 15 किलो राशन न देकर सिर्फ 12 किलो राशन दे रहा है। जिससे परेशानी हो रही है।



कई मकान अब भी कटान की जद में

ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर घटने के साथ ही सरयू ने कटान तेज कर दी है। दो दर्जन से अधिक घरों को निगलने के बाद भी नदी तेजी से गांव की ओर बढ़ रही है। जिससे लगभग आधा दर्जन घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। वहीं ग्रामीण धीरे-धीरे अपने घर का मलवा समेट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed