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श्रीराम का जन्म होते ही बधाइयों से गूंजा पंडाल
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बौंडी में आयोजित रामलीला में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामलीला कमेटी की ओर से पारंपरिक व ऐतिहासिक रामलीला शुरू की गई है। रामलीला में रविवार की रात कलाकारों ने पुत्रेष्टि यज्ञ, रामजन्म, नामकरण, उद्धार प्रसंग का मंचन किया। श्रीराम का जन्म होते ही पूरा पंडाल बधाई गीतों से गूंज उठा। हर्षित दर्शकों ने जयघोष किया।
महसी तहसील अंतर्गत बौंडी कस्बे में श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंचन के दूसरे दिन श्रीराम जन्म प्रसंग से रामलीला की शुरुआत हुई। वृंदावन के कलाकारों की ओर से मंचन किया जा रहा है। राम का जन्म होते ही अयोध्यानगरी उल्लास से भर उठती है। पूरे नगर को इस अवसर पर सजाया गया है और घरों में बधाइयां दी जाती हैं। इसके बाद अगले दृश्य में नामकरण संस्कार, दशरथ के रूप में शिव प्रसाद त्रिवेदी, विश्वामित्र के रूप में सरोज त्रिवेदी, राजकुमार राम के रूप में आर्यन त्रिवेदी, लक्ष्मण के रूप में अविनाश त्रिवेदी की शिक्षा-दीक्षा ऋषि विश्वामित्र का अयोध्या आकर महाराज दशरथ से श्रीराम व लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगने का मार्मिक प्रसंग सबको भा गया। वहीं कलाकारों में राजा दशरथ बने राम-लक्ष्मण ने अपनी अभिनय कला से दर्शकों को रोमांचित किया।
रामलीला में कोविड-19 के चलते शासन व प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप मिश्र, प्रबंधक साकेत भूषण तिवारी, मंत्री अशोक तिवारी, कोषाध्यक्ष भास्कर तिवारी, सूरज जायसवाल, ऑडिटर कृष्णानंद पांडेय, विशाल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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महसी तहसील अंतर्गत बौंडी कस्बे में श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंचन के दूसरे दिन श्रीराम जन्म प्रसंग से रामलीला की शुरुआत हुई। वृंदावन के कलाकारों की ओर से मंचन किया जा रहा है। राम का जन्म होते ही अयोध्यानगरी उल्लास से भर उठती है। पूरे नगर को इस अवसर पर सजाया गया है और घरों में बधाइयां दी जाती हैं। इसके बाद अगले दृश्य में नामकरण संस्कार, दशरथ के रूप में शिव प्रसाद त्रिवेदी, विश्वामित्र के रूप में सरोज त्रिवेदी, राजकुमार राम के रूप में आर्यन त्रिवेदी, लक्ष्मण के रूप में अविनाश त्रिवेदी की शिक्षा-दीक्षा ऋषि विश्वामित्र का अयोध्या आकर महाराज दशरथ से श्रीराम व लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगने का मार्मिक प्रसंग सबको भा गया। वहीं कलाकारों में राजा दशरथ बने राम-लक्ष्मण ने अपनी अभिनय कला से दर्शकों को रोमांचित किया।
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रामलीला में कोविड-19 के चलते शासन व प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप मिश्र, प्रबंधक साकेत भूषण तिवारी, मंत्री अशोक तिवारी, कोषाध्यक्ष भास्कर तिवारी, सूरज जायसवाल, ऑडिटर कृष्णानंद पांडेय, विशाल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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