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कतरनिया पहुंचा घायल तेंदुआ, पिजड़े में कैद
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मोतीपुर के कतर्निया गांव में खेत की ओर जाता घायल तेंदुआ।
- फोटो : BAHRAICH
उर्रा (बहराइच)। मोतीपुर रेंज के कतरनिया गांव में गन्ने के खेत के पास सोमवार की सुबह एक तेंदुए ने डेरा जमा लिया। देखते ही देखते मौके पर आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ को देखकर तेंदुआ भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन घायल होने के कारण वह भाग नहीं पा रहा था। इसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसको पिंजड़े में कैद कर लिया। घायल तेंदुए को वन विभाग की टीम के साथ डीएफओ चिड़ियाघर लखनऊ इलाज के लिए लेकर रवाना हो गए हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत मोतीपुर रेंज के कतरनिया गांव में गन्ने के खेत में मेड़ के किनारे सुबह करीब आठ बजे रास्ते से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों को तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। तेंदुए के होने की सूचना पर आसपास के गांव के लोग भी एकत्र हो गए। ग्रामीणों की भीड़ को देखकर तेंदुआ उठकर भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन वह भाग नहीं पा रहा था। घायल होने के कारण तेंदुआ बार-बार उठकर एक ही जगह बैठ जाता था।
तेंदुए के होने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर जालिमनगर चौकी इंचार्ज हरीश सिंह, वन क्षेत्राधिकारी आनंद प्रताप आर्या वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए को घायल देख तत्काल प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह से संपर्क साधा गया। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी पिंजड़ा लेकर मौके पर पहुंचे।
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दोपहर लगभग दो बजे कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया जा सका। प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि तेंदुए की उम्र लगभग पांच वर्ष है। नर तेंदुआ घायल है। उसे इलाज के लिए चिड़ियाघर लखनऊ ले जाया गया है। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की ओर से घायल तेंदुए का इलाज किया जाएगा।
तीन दिन से भूखा होने का अनुमान
डीएफओ ने बताया कि घायल तेंदुआ पानी नहीं पी रहा है। उसके लगभग तीन दिन से भूखे होने की भी संभावना है। कई बार उसे पानी पिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने एक भी बूंद पानी नहीं पिया है। इससे तेंदुआ काफी कमजोर हो गया है। उसके सिर पर गहरी चोट है, जिसमें कीड़े भी पड़ गए हैं।
घायल न होता, तो हो सकता था आक्रामक
तेंदुए के गन्ने के खेत में होने की सूचना पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। बच्चे भी तेंदुए के पास जा रहे थे। लोगों की ओर से पास में ही खड़े होकर उसका वीडियो भी बनाया जा रहा था। अगर तेंदुआ घायल नहीं होता तो वह आक्रामक हो सकता है। लेकिन गनीमत रही कि तेंदुआ उठ पाने की स्थिति में भी नहीं था।
झाला गांव में दो टीमें कर रहीं गश्त
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि मोतीपुर रेंज की झाला ग्राम पंचायत के पृथ्वीपुरवा में डिप्टी रेंजर महेंद्र मौर्या तथा बख्शीपुरवा में फारेस्टर टीपीएन सिंह की अगुवाई में गश्त की जा रही है। जंगल से आने वाले अन्य तेंदुओं पर नजर रखी जा रही है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत मोतीपुर रेंज के कतरनिया गांव में गन्ने के खेत में मेड़ के किनारे सुबह करीब आठ बजे रास्ते से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों को तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। तेंदुए के होने की सूचना पर आसपास के गांव के लोग भी एकत्र हो गए। ग्रामीणों की भीड़ को देखकर तेंदुआ उठकर भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन वह भाग नहीं पा रहा था। घायल होने के कारण तेंदुआ बार-बार उठकर एक ही जगह बैठ जाता था।
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तेंदुए के होने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर जालिमनगर चौकी इंचार्ज हरीश सिंह, वन क्षेत्राधिकारी आनंद प्रताप आर्या वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए को घायल देख तत्काल प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह से संपर्क साधा गया। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी पिंजड़ा लेकर मौके पर पहुंचे।
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दोपहर लगभग दो बजे कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया जा सका। प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि तेंदुए की उम्र लगभग पांच वर्ष है। नर तेंदुआ घायल है। उसे इलाज के लिए चिड़ियाघर लखनऊ ले जाया गया है। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की ओर से घायल तेंदुए का इलाज किया जाएगा।
तीन दिन से भूखा होने का अनुमान
डीएफओ ने बताया कि घायल तेंदुआ पानी नहीं पी रहा है। उसके लगभग तीन दिन से भूखे होने की भी संभावना है। कई बार उसे पानी पिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने एक भी बूंद पानी नहीं पिया है। इससे तेंदुआ काफी कमजोर हो गया है। उसके सिर पर गहरी चोट है, जिसमें कीड़े भी पड़ गए हैं।
घायल न होता, तो हो सकता था आक्रामक
तेंदुए के गन्ने के खेत में होने की सूचना पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। बच्चे भी तेंदुए के पास जा रहे थे। लोगों की ओर से पास में ही खड़े होकर उसका वीडियो भी बनाया जा रहा था। अगर तेंदुआ घायल नहीं होता तो वह आक्रामक हो सकता है। लेकिन गनीमत रही कि तेंदुआ उठ पाने की स्थिति में भी नहीं था।
झाला गांव में दो टीमें कर रहीं गश्त
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि मोतीपुर रेंज की झाला ग्राम पंचायत के पृथ्वीपुरवा में डिप्टी रेंजर महेंद्र मौर्या तथा बख्शीपुरवा में फारेस्टर टीपीएन सिंह की अगुवाई में गश्त की जा रही है। जंगल से आने वाले अन्य तेंदुओं पर नजर रखी जा रही है।