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जेठ मेले की पहली चौथी आज
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sat, 20 May 2017 11:58 PM IST
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दरगाह पर जुटे जायरीन
- फोटो : अमर उजाला
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की पहली चौथी रविवार को है, जिसमें शामिल होने के लिए जायरीन का रेला उमड़ने लगा है। गोंडा व लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों में छतों पर बैठकर यात्री सफर कर रहे हैं। सर्वाधिक जायरीन पूर्वांचल से आ रहे हैं। चित्तौरा झील के तट पर भी भारी भीड़ उमड़ रही है।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की पहली चौथी रविवार को है। इसके लिए मेला प्रशासन ने व्यापक पैमाने पर इंतजाम किए हैं। मेलार्थियों व जायरीन के ठहरने के लिए चित्तौरा झील के अलावा जौहराबाग, कल्पीपारा बाग, सलारबाग, पलरीबाग, टांडा बाग, घोसियाना, पूर्वी गेट, झूला एरिया, पश्चिमी गेट और कदम रसूल क्षेत्र में टेंट लगवाए गए हैं। पीने के पानी की जगह-जगह व्यवस्था कराई गई है।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग चार लाख जायरीन मेला परिसर में पहुंच चुके हैं। अभी भी जायरीन जत्थों में चित्तौरा झील के तट पर पहुंच रहे हैं। परंपरा के मुताबिक झील में स्नान करने के बाद तट पर पूजा अर्चना के बाद जायरीन मजार शरीफ की ओर रवाना हो रहे हैं। हठीले में मुर्गा उड़ाकर समस्याएं दूर करने के लिए जायरीन मन्नतें मांग रहे हैं। भोर होते ही मजार शरीफ पर पहली चौथी के लिए जियारत शुरू हो जाएगी।
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जंजीरी गेट से प्रवेश कर नाल दरवाजा होते हुए जायरीन मजार शरीफ पहुंचेंगे। निशान लेकर आने वाले जायरीन पूर्वी गेट से मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाएंगे। पहली चौथी में गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और हरियाणा से काफी संख्या में जायरीन शिरकत करने के लिए पहुंच चुके हैं।
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की पहली चौथी रविवार को है। इसके लिए मेला प्रशासन ने व्यापक पैमाने पर इंतजाम किए हैं। मेलार्थियों व जायरीन के ठहरने के लिए चित्तौरा झील के अलावा जौहराबाग, कल्पीपारा बाग, सलारबाग, पलरीबाग, टांडा बाग, घोसियाना, पूर्वी गेट, झूला एरिया, पश्चिमी गेट और कदम रसूल क्षेत्र में टेंट लगवाए गए हैं। पीने के पानी की जगह-जगह व्यवस्था कराई गई है।
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दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग चार लाख जायरीन मेला परिसर में पहुंच चुके हैं। अभी भी जायरीन जत्थों में चित्तौरा झील के तट पर पहुंच रहे हैं। परंपरा के मुताबिक झील में स्नान करने के बाद तट पर पूजा अर्चना के बाद जायरीन मजार शरीफ की ओर रवाना हो रहे हैं। हठीले में मुर्गा उड़ाकर समस्याएं दूर करने के लिए जायरीन मन्नतें मांग रहे हैं। भोर होते ही मजार शरीफ पर पहली चौथी के लिए जियारत शुरू हो जाएगी।
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जंजीरी गेट से प्रवेश कर नाल दरवाजा होते हुए जायरीन मजार शरीफ पहुंचेंगे। निशान लेकर आने वाले जायरीन पूर्वी गेट से मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाएंगे। पहली चौथी में गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और हरियाणा से काफी संख्या में जायरीन शिरकत करने के लिए पहुंच चुके हैं।