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यूपी बोर्ड : गुरुजी ही कराते मिले नकल, हटाया
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 18 Feb 2016 09:26 PM IST
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बहराइच। यूपी बोर्ड परीक्षा की बदइंतजामी पहले दिन ही सामने आ गई। नकलविहीन परीक्षा का दावा कर रहे शिक्षा विभाग के गुरुजी ही जनता इंटर कॉलेज में छात्र को नकल कराते मिले। उन्हें तत्काल हटा दिया गया।
इसी परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र देखकर ही छात्रा बेहोश हो गई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। गुरुवार को लगभग 1200 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
किसी भी केंद्र पर कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। कई स्थानों पर परीक्षा केंद्र के बाहर लगी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को पसीने छूटे।
प्रथम पाली में सुबह 7:30 बजे से हाईस्कूल के हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा थी। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह साढ़े छह बजे से ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे।
निर्धारित समय पर तलाशी के बाद छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। सुबह परीक्षा शुरू हुए मुश्किल से आधे घंटे ही बीते थे कि तभी नानपारा के जनता इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कक्ष संख्या दो में ड्यूटी कर रहे इरफान खां एक परीक्षार्थी को नकल कराने की कोशिश में लगे थे।
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इसी दौरान केंद्र पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार जसीम अहमद वहां पहुंच गए। कक्ष निरीक्षक की हरकत देख उन्होंने उपजिलाधिकारी अमिताभ यादव को अवगत कराया।
एसडीएम के निर्देश पर कक्ष निरीक्षक इरफान को तत्काल कक्ष से बाहर कर दिया गया। इसी बीच इसी केंद्र पर इम्तिहान दे रही कक्षा 10 की छात्रा जैनब खातून प्रश्न पत्र देखकर बेहोश हो गई।
संयोग से उसके परिवारीजन विद्यालय के बाहर मौजूद थे। तत्काल परिवारीजनों को बाहर बुलवाकर छात्रा को सीएचसी भेजा गया। अन्य स्थानों पर परीक्षाएं शांतिपूर्ण माहौल में हुईं।
दूसरी पाली में इंटरमीडिएट हिंदी की परीक्षा भी शांतिपूर्ण तरीके से हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम के मुताबिक लगभग 1200 छात्रों ने दोनों पालियों में पहले दिन परीक्षा छोड़ी है।
चपरासियों ने भी की इनविजीलेटिंग
बहराइच। बोर्ड की परीक्षा में गुरुवार को पहले दिन कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों के चलते अफरा तफरी की स्थिति रही। देर रात तक कक्ष निरीक्षकाें को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माथापच्ची की।
ड्यूटी भी लगा दी लेकिन जिन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करनी थी, उन तक ड्यूटी पत्र नहीं पहुंच सका है। जिसका नतीजा यह रहा कि शहर के जीआईसी, जीजीआईसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगा दी गई।
यही स्थिति ग्रामीण अंचलों में स्थित कई परीक्षा केंद्रों की रही। हालांकि, डीआईओएस रवींद्र सिंह का कहना है कि परीक्षा में सभी का सहयोग लिया जाता है।
चप्पल तक उतरवाईं
महसी में स्थित ठाकुर मुन्ना सिंह आचार्य श्रीराम शर्मा इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी पहले दिन सख्ती नजर आई। यहां छात्रों के चप्पल तक उतरवा ली गईं। सघन तलाशी के चलते सुबह 7:30 बजे तक गेट पर काफी भीड़ रही।
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इसी परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र देखकर ही छात्रा बेहोश हो गई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया। गुरुवार को लगभग 1200 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
किसी भी केंद्र पर कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। कई स्थानों पर परीक्षा केंद्र के बाहर लगी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को पसीने छूटे।
प्रथम पाली में सुबह 7:30 बजे से हाईस्कूल के हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा थी। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह साढ़े छह बजे से ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे।
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निर्धारित समय पर तलाशी के बाद छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। सुबह परीक्षा शुरू हुए मुश्किल से आधे घंटे ही बीते थे कि तभी नानपारा के जनता इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कक्ष संख्या दो में ड्यूटी कर रहे इरफान खां एक परीक्षार्थी को नकल कराने की कोशिश में लगे थे।
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इसी दौरान केंद्र पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार जसीम अहमद वहां पहुंच गए। कक्ष निरीक्षक की हरकत देख उन्होंने उपजिलाधिकारी अमिताभ यादव को अवगत कराया।
एसडीएम के निर्देश पर कक्ष निरीक्षक इरफान को तत्काल कक्ष से बाहर कर दिया गया। इसी बीच इसी केंद्र पर इम्तिहान दे रही कक्षा 10 की छात्रा जैनब खातून प्रश्न पत्र देखकर बेहोश हो गई।
संयोग से उसके परिवारीजन विद्यालय के बाहर मौजूद थे। तत्काल परिवारीजनों को बाहर बुलवाकर छात्रा को सीएचसी भेजा गया। अन्य स्थानों पर परीक्षाएं शांतिपूर्ण माहौल में हुईं।
दूसरी पाली में इंटरमीडिएट हिंदी की परीक्षा भी शांतिपूर्ण तरीके से हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम के मुताबिक लगभग 1200 छात्रों ने दोनों पालियों में पहले दिन परीक्षा छोड़ी है।
चपरासियों ने भी की इनविजीलेटिंग
बहराइच। बोर्ड की परीक्षा में गुरुवार को पहले दिन कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों के चलते अफरा तफरी की स्थिति रही। देर रात तक कक्ष निरीक्षकाें को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माथापच्ची की।
ड्यूटी भी लगा दी लेकिन जिन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करनी थी, उन तक ड्यूटी पत्र नहीं पहुंच सका है। जिसका नतीजा यह रहा कि शहर के जीआईसी, जीजीआईसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगा दी गई।
यही स्थिति ग्रामीण अंचलों में स्थित कई परीक्षा केंद्रों की रही। हालांकि, डीआईओएस रवींद्र सिंह का कहना है कि परीक्षा में सभी का सहयोग लिया जाता है।
चप्पल तक उतरवाईं
महसी में स्थित ठाकुर मुन्ना सिंह आचार्य श्रीराम शर्मा इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी पहले दिन सख्ती नजर आई। यहां छात्रों के चप्पल तक उतरवा ली गईं। सघन तलाशी के चलते सुबह 7:30 बजे तक गेट पर काफी भीड़ रही।